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कोलकाता : दिल्ली में जो काम मोदी का, वही बंगाल में दीदी का

Updated at : 27 Dec 2018 1:22 AM (IST)
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कोलकाता :  दिल्ली में जो काम मोदी का, वही बंगाल में दीदी का

कोलकाता : गत कुछ वर्षों में बंगाल की संस्कृति और अस्मिता के अंदर भाजपा और आरएसएस ने पैर जमाना शुरू किया है. इसी समय बंगाल समेत पूरे देश में सांप्रदायिक समर्थक शक्तियों को भी बल मिल रहा है. लोकतंत्र, लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या करने की कोशिश जारी है. महंगाई, बेरोजगारी जैसे अहम समस्याओं और जरूरी […]

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कोलकाता : गत कुछ वर्षों में बंगाल की संस्कृति और अस्मिता के अंदर भाजपा और आरएसएस ने पैर जमाना शुरू किया है. इसी समय बंगाल समेत पूरे देश में सांप्रदायिक समर्थक शक्तियों को भी बल मिल रहा है.
लोकतंत्र, लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या करने की कोशिश जारी है. महंगाई, बेरोजगारी जैसे अहम समस्याओं और जरूरी मुद्दों पर ध्यान हटाने के लिये लोगों को गुमराह किया जा रहा है. विकास की बातें कह केवल लोगों को ठगा जा रहा है.
ऐसी स्थिति पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश की है. जो काम दिल्ली में बैठ कर मोदी जी का है वही काम बंगाल में दीदी जी का है. यह आरोप लगाते हुए छात्र नेता कन्हैया कुमार ने भाजपा नीत केंद्र सरकार और तृणमूल कांग्रेस नीत राज्य सरकार की नीतियों को समान करार दिया है. वे बुधवार को भाकपा के 94वें स्थापना दिवस के मौके पर महानगर में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे.
भाजपा और तृणमूल सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ेंगे
कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में लोकतंत्र खतरे में है. लोकतंत्र और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना युवाओं को पहला काम है. जो पूरे देश में हो रहा है, वहीं बंगाल में हो रहा है. बंगाल मल्टी कल्चरल स्टेट है. अलग-अलग धर्म के लोग यहां रहते हैं. सांप्रदायिक राज के लिये सोशल फेब्रिक को तोड़ना जरूरी होता है.
जिससे अब बंगाल भी अछूता नहीं रह गया है. यह साबित करने की होड़ लगी है कि कोई हिंदू का हितैषी है तो मुसलमानों का. राजनीति में कोई एक धर्म के लोगों का हितैषी बताने वाले लोग खतरनाक है. हिंदुस्तान में न हिंदू खतरे में हैं नाम मुसलमान खतरे में है. मौजूदा समय में इंसान, इंसानियत व संविधान खतरे में हैं. विभाजन के इतिहास को बंगाल नहीं भूल सकता है.
भाजपा की प्रस्तावित रथयात्रा की आलोचना
कन्हैया कुमार ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रस्तावित रथयात्रा की आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा की प्रस्तावित रथयात्रा के कारण को समझना जरूरी है. सरकार हमारे साथ खेल खेल रही है. जिस सरकार को लोगों ने सत्ता में लाया वह मूल समस्याओं को दूर करने की बजाये लोगों को भ्रमित कर रही है. आरोप के अनुसार धर्म के नाम पर विभेद की राजनीति की जा रही है.
वामपंथी शक्तियों को मजबूत करने का आह्वान
कन्हैया कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि पूरे देश में वामपंथी शक्तियों को मजबूत करने की जरूरत है. उनका कहना है कि कुछ वर्ष पहले जब भाकपा के दिवंगत नेता प्रबोध पांडा उनसे मिले थे तो उन्होंने कहा था यदि बंगाल के गरीब-मजदूर वर्ग वाममोरचा को वापस सत्ता में नहीं लायें तो राज्य को भयानक त्रास्दी से गुजरना होगा.
सभा के दौरान भाकपा के उप-महासचिव गुरुदास दासगुप्ता, भाकपा के प्रदेश सचिव स्वपन बनर्जी, जनवादी आंदोलन के नेता जिग्नेश मेवाणी, एटक समर्थित परिवहन संगठन के नेता नवल किशोर श्रीवास्तव समेत अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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