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एलपीजी गैस घूसकांड : भाजपा के प्रदेश महासचिव से पूछताछ

Updated at : 25 Nov 2018 6:25 AM (IST)
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एलपीजी गैस घूसकांड : भाजपा के प्रदेश महासचिव से पूछताछ

कोलकाता : कुछ महीना पहले भाजपा नेता रंजीत मजुमदार को एलपीजी गैस घूस कांड में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसी कड़ी में जोड़ासांकू थाना की पुलिस ने प्रदेश भाजपा के महासचिव शायंतन बसु को पूछताछ के लिए शनिवार को थाने में बुलाया. शुक्रवार को पुलिस की जिरह के बाद पार्टी दफ्तर पहुंचे शायंतन ने […]

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कोलकाता : कुछ महीना पहले भाजपा नेता रंजीत मजुमदार को एलपीजी गैस घूस कांड में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसी कड़ी में जोड़ासांकू थाना की पुलिस ने प्रदेश भाजपा के महासचिव शायंतन बसु को पूछताछ के लिए शनिवार को थाने में बुलाया. शुक्रवार को पुलिस की जिरह के बाद पार्टी दफ्तर पहुंचे शायंतन ने बताया कि पुलिस ने कुछ सवाल उनसे किये, जिनके उन्होंने जवाब दिये.
उल्लेखनीय है कि रंजीत, शायंतन समेत राज्य के कई नेताओं पर आरोप लगा था कि ये लोग केंद्र की योजना के तहत हर घर में रसोई गैस पहुंचाने के लिए एलपीजी गैस का डीलरशिप देंगे. ऐसा करके इन लोगों ने करोड़ों रुपये लोगों से वसूले हैं. इसी कड़ी में रं‍जीत मजुमदार की गिरफ्तारी हुई और शायंतन से पूछताछ भी हुई.
हालांकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष पहले ही दावा कर चुके हैं कि लोकसभा चुनाव के पहले प्रदेश भाजपा के नेताओं को इस तरह से फंसाने का षडयंत्र राज्य सरकार कर रही है. उल्लेखनीय है कि जिस व्यक्ति के आरोप में पुलिस ने रंजीत मजुमदार को गिरफ्तार किया और शायंतन बसु से पूछताछ हुई है. वह और कोई नहीं, बल्कि प्रदेश भाजपा के नेता रह चुके अशोक मजुमदार हैं, जो फिलहाल शिवसेना के प्रदेश प्रवक्ता और सचिव हैं.
उनको भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था. इस बाबत शायंतन बसु ने कहा, रथयात्रा की तैयारी में व्यस्त रहने के कारण मैं पुलिस के बुलावे पर पहले नहीं जा पायें. अब रथयात्रा की तैयारी काफी आगे बढ़ गयी है, इसलिए मौका मिलते ही थाने पहुंचा था. पुलिस ने मुझसे जो जानना चाहा और मेरे पास जो जानकारी थी, उसे मैंने पुलिस को दिया.
हालांकि रंजीत मजुमदार पर आरोप लगने के बाद उनको पार्टी के पद से हटा दिया गया था, लेकिन पार्टी से उनको बहिष्कृत नहीं किया गया है, जबकि अशोक मजुमदार तीन अगस्त को पुलिस के पास जो शिकायत दर्ज कराये हैं, उसमें अनैतिक रूप से धन संग्रह करने का आरोप लगा है. इसमें उन्होंने एलपीजी का डीलरशिप दिलाने के नाम पर भाजपा और आरएसएस के नेताओं पर आरोप लगाये थे.
इस बाबत बहुत पहले ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था कि रंजीत को पुलिस ने पहले भी दो बार बुलाया था. वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे पांच-छह बार पूछताछ करने के दौरान कहा था कि भाजपा के कुछ बड़े नेताओं का नाम ले लो, हम तुमको छोड़े देंगे. उस वक्त उन्होने कहा था कि कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है. इस पर उनको बरगलाने के लिए पुलिस ने कहा था कि आपको तो पार्टी से बाहर कर दिया गया है.
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