नम आंखों से गुड्डू केसरी के पार्थिव शरीर को हजारीबाग ले गयी मां, पुत्र को न्याय दिलाने के लिए लड़ूंगी कानूनी लड़ाई : सुमित्रा देवी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Nov 2018 6:12 AM
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खड़गपुर/कोलकाता: दक्षिण पूर्व रेलवे अंतर्गत खड़गपुर रेल महकमे के खड़गपुर रेल मंडल में सहायक लोको पायलट सहायक गुड्डू कुमार केसरी (24) के पार्थिक शरीर को उनकी मां सुमित्रा देवी नम आंखों से हजारीबाग लेकर रवाना हो गयीं. उन्होंने कहा : मैं अपने पुत्र को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लडूंगी. वह दुर्गा पूजा की […]
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खड़गपुर/कोलकाता: दक्षिण पूर्व रेलवे अंतर्गत खड़गपुर रेल महकमे के खड़गपुर रेल मंडल में सहायक लोको पायलट सहायक गुड्डू कुमार केसरी (24) के पार्थिक शरीर को उनकी मां सुमित्रा देवी नम आंखों से हजारीबाग लेकर रवाना हो गयीं. उन्होंने कहा : मैं अपने पुत्र को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लडूंगी. वह दुर्गा पूजा की छुट्टी में गांव गया था और ऐसा लगता था कि वह मानसिक दवाब में था.
उन्होंने व उनके साथ आये केसरी के परिजनों ने खड़गपुर टाउन थाना में एफआइआर दायर किया. रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद केसरी का पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंप दिया गया था. गुड्डू कुमार केसरी झारखंड के हजारीबाग के पद्मा थाना इलाके के सिरिया गांव का निवासी था. उल्लेखनीय है कि शनिवार दोपहर उसका शव साउथ साइड स्थित क्वार्टर में संदिग्ध स्थिति में मिला था. उसके बाद उनके साथियों ने शनिवार को खड़गपुर में काफी प्रदर्शन व तोड़फोड़ किया था.
प्रदर्शन करने वाले आठ सहायक लोको पायलट निलंबित
शनिवार को खड़गपुर लोको कार्यालय में मानसिक उत्पीड़न और अधिकारियों के अत्याचार के चलते खुदकुशी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन व तोड़फोड़ करने के आरोप में रविवार को खड़गपुर के आठ सहायक लोको पायलट को निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले के जांच के आदेश दिये गये हैं.
दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय घोष ने बताया कि गुड्डू कुमार केसरी (24) खड़गपुर रेल मंडल में सहायक लोको पायलट पद पर कार्यरत था और उसकी सारी छुट्टियां समाप्त हो गयी थी. पिछले माह आवेदन देकर वह 18 और 19 को अवकाश पर चला गया था, लेकिन उसकी छुट्टी समाप्त हो गयी थी. शनिवार को उसका मृत शरीर संदिग्ध अवस्था में पाया गया था. उसके बाद एक समूह ने इस मुद्दे पर शनिवार दोपहर क्रू लॉबी परिसर में उग्र विरोध प्रदर्शन किया.
इस दौरान तोड़फोड़ भी की गयी. रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी मारपीट गयी. तोड़फोड़ व प्रदर्शन करने आठ सहायक लोको पायलट को चिन्हित किया गया है तथा उन पर विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है तथा जांच के आदेश दिये गयेे हैं.
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेल अधिकारियों के मानसिक उत्पीड़न और अत्याचार के चलते अब तक कई स्टाफ मौत को गले लगा चुके हैं. काम का भारी दबाव और वाजिब कारणों पर भी छुट्टी न मिलने से परेशान स्टाफ को जब कोई रास्ता नहीं सूझता तो आत्महत्या के सिवा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचता. पूर्व की घटनाओं के बाद अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृति न होने देने का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही स्थिति फिर पुरानी ही हो जाती है.
गुड्डू कुमार के मामले में भी यही हुआ. इस मामले में यद्यपि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आरोप था कि पीड़ित पारिवारिक कारणों से छुट्टी पर जाना चाहता था, लेकिन अधिकारी उसकी छुट्टी मंजूर नहीं कर रहे थे.इस कारण उसने आत्महत्या कर ली थी.
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