ग्लोबल माइनिंग समिट में बोले राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा, कहा- खनिज अन्वेषण क्षेत्र में हो और निवेश
Updated at : 01 Nov 2018 2:49 AM (IST)
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कोलकाता : राज्य के वित्त मंत्री डॉ अमित मित्रा ने बुधवार को कहा कि खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में अधिक निवेश की आवश्यकता है. हमारे यहां खनिज की कमी नहीं है, लेकिन इस बारे में हमें और भी खोज करने की जरूरत है. वित्त मंत्री डॉ अमित मित्रा ने बुधवार को ग्लोबल माइनिंग समिट के […]
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कोलकाता : राज्य के वित्त मंत्री डॉ अमित मित्रा ने बुधवार को कहा कि खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में अधिक निवेश की आवश्यकता है. हमारे यहां खनिज की कमी नहीं है, लेकिन इस बारे में हमें और भी खोज करने की जरूरत है. वित्त मंत्री डॉ अमित मित्रा ने बुधवार को ग्लोबल माइनिंग समिट के दौरान कहा कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों को खनन उत्पादन और देश में खनिज सूची बढ़ाने के लिए खनिज अन्वेषण में निवेश करना होगा.
कोलकाता में सीआइआइ द्वारा आयोजित वैश्विक खनन शिखर सम्मेलन 2018 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ मित्रा ने कहा कि भारत का खनन क्षेत्र 7.3% की दर से बढ़ रहा है, लेकिन अन्वेषण पर व्यय कुल वैश्विक व्यय का 0.3% है. इसलिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों को गंभीरता से खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में निवेश पर विचार करना चाहिए. उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि खनिज गैर-पुनरुत्पादित हैं और उनसे अर्जित राजस्व किराया के रूप में हैं.
अब किराये के बाहर अधिक मूल्य निचोड़ने के तरीकों पर विचार करने का समय है. डॉ मित्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कि पश्चिम बंगाल में 35 अरब टन उच्च ग्रेड कोयले के भंडार हैं और राज्य को एशिया में सबसे बड़ा और दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा देवचा पचमी कोयला ब्लॉक आवंटित किया गया है. इस मौके पर भारत में आॅस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त रॉड हिल्टन ने कहा कि पश्चिम बंगाल उनके सबसे प्राथमिक देशों में से एक है और आॅस्ट्रेलिया ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ यहां खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में मिल कर कार्य करने का फैसला किया है.
इस माैके पर कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन अनिल कुमार झा, बीइएमएल के सीएमडी डीके होटा, कोलकाता में जर्मनी के काैंसुल जनरल माइकल फेइनर सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे.
खनन क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग जरूरी : झा
कोलकाता. आनेवाले समय में पर्यावरण की स्थिति और भी खराब हो सकती है. इसलिए हमारा दायित्व है कि वह किसी प्रकार से खनिज पदार्थों का खनन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाये बिना करें और इसके लिए हमें अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करना होगा. ऐसी ही जानकारी बुधवार को कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन अनिल कुमार झा ने सीआइआइ की आेर से आयोजित ग्लोबल माइनिंग समिट के दौरान दी.
उन्होंने कहा, अत्याधुनिक तकनीक के लिए हमें विदेशी कंपनियों के साथ मिल कर कार्य करना होगा. वहीं, कोल इंडिया लिमिटेड में सरकार की तीन प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री की खुली पेशकश किये जाने के बावजूद कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने उत्पादन लक्ष्य को 65.2 करोड़ टन पर बरकरार रखा है.
कंपनी के चेयरमैन एके झा ने कहा, ‘इस साल हम 65.2 करोड़ टन उत्पादन और 68.1 करोड़ टन कोयला आपूर्ति के लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं.’ इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 56.70 करोड़ टन कोयला उत्पाद किया था और 58 करोड़ टन कोयले को आपूर्ति के लिए जारी किया था.
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