कोलकाता : कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन लेने से बढ़ता है जान जाने का खतरा

Updated at : 30 Sep 2018 9:15 AM (IST)
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कोलकाता : कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन लेने से बढ़ता है जान जाने का खतरा

कोलकाता : कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन लेनेवाले लोगों की जिंदगी वसादार भोजन खानेवालों की तुलना में छोटी हो सकती है. प्रॉसपेक्टिव अर्बन रूरल इपिडेमियोलॉजी (पीयूआरई) के अध्ययन ने उस परंपरागत धारणा को भी तोड़ा है कि वसा वाले भोजन के सेवन से रक्त कोलस्ट्रोल का स्तर नियंत्रण में रहता है और हृदयाघात का खतरा घटता […]

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कोलकाता : कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन लेनेवाले लोगों की जिंदगी वसादार भोजन खानेवालों की तुलना में छोटी हो सकती है. प्रॉसपेक्टिव अर्बन रूरल इपिडेमियोलॉजी (पीयूआरई) के अध्ययन ने उस परंपरागत धारणा को भी तोड़ा है कि वसा वाले भोजन के सेवन से रक्त कोलस्ट्रोल का स्तर नियंत्रण में रहता है और हृदयाघात का खतरा घटता है.
अध्ययन में कहा गया है कि ‘गुणवत्तापूर्ण भोजन’ लेनेवालों को कम गुणवत्ता वाले भोजन लेने की तुलना में मृत्यु का खतरा 25 प्रतिशत तक घट जाता है. गुणवत्तापूर्ण भोजन से आशय ऐसे भोजन से है, जिसमें 54 प्रतिशत ऊर्जा कार्बोहाइड्रेट से, 28 प्रतिशत वसा से, 18 प्रतिशत प्रोटीन से मिलती है.
हृदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी बीमारी दुनिया भर में महामारी की तरह है. यह कम आय और मध्यम आय वाले देशों में 80 प्रतिशत बीमारी की वजह है. पीयूआरई की रिपोर्ट के तथ्यों से सहमति जताते हुए शहर में हृदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी बीमारी के डॉक्टरों ने चावल, रोटी और ब्रेड जैसे आहार की मात्रा कम करने के साथ दिल को तंदुरूस्त बनाए रखने और जीवनशैली से जुड़ी मधुमेह, मोटापा और उच्च रक्तचाप की बीमारियों को नियंत्रण में रखने की सलाह दी है.
डॉक्टरों का मानना है कि सैचुरेटेड फैट वाले भोजन से भी परहेज करना चाहिए. अपोलो ग्लेनइगल्स हॉस्पिटल में हृदय रोग के वरिष्ठ डॉक्टर ने शनिवार को विश्व हृदय दिवस के अवसर पर कहा, ‘‘संतुलित आहार होना चाहिए. कार्बोहाइड्रेट वाला आहार 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो और वसा की मात्रा 30-35 प्रतिशत होनी चाहिए. कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन को सीमित करना बहुत महत्वपूर्ण है.
ग्रामीणों में बढ़ रही है दिल की बीमारी : डॉ सौमित्र राय
वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर कलकत्ता कार्डियोलॉजी फाउंडेशन को असिस्तव में लाया गया है. फाउंडेशन को शनिवार को लांच किया गया. इस अवसर पर फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो.डॉ सौमित्र राय, डॉ प्रकाश कुमार हाजरा, डॉ विजय प्रकाश पांडेय, डॉ सुनिप बनर्जी समेत अन्य चिकित्सक गण उपस्थित थे
प्रो.डॉ सौमित्र राय ने कहा कि हृदय जनित बीमारियों के विषय में लोगों को जागरूक करने के लिए फाउंडेशन का गठन किया गया है. कहा कि कोलकाता नगर निगम के स्कूलों में विशेष रूप से अभियान चलाया जायेगा. ताकि छोटे बच्चे तथा उनके अभिभावकों का जागरूक किया जा सके.
उन्होंने कहा कि एक धारणा है कि गांव में रहने वाले लोग स्वस्थ्य होते है लेकिन लोगों की यह धारणा गतल है, क्योंकि देखा जा रहा है कि गांव में रहने वाले लोग ही इस बीमारी के चपेट में आ रहे हैं. क्योंकि ग्रामीण खान पान पर ध्यान नहीं देते हैं.
गांव में रहने वाले लोग चावल अधिक खाते हैं तथा गोबर गैस का इस्तेमाल करते हैं. बीड़ी व धूम्रपान भी अधिक करते हैं, जिसके कारण गांव में रहने वाले लोग भी हृदय जनित बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं.
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