रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, दो गिरफ्तार

Updated at : 04 Jul 2018 3:19 AM (IST)
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रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी,  दो गिरफ्तार

कोलकाता : रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति को हावड़ा स्टेशन से गिरफ्तार किये अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि एक बार फिर दो लोगों को रेल में नौकरी दिलाने के नाम पर एक अ‌भ्यर्थी से मोटी रकम ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. इस बार हावड़ा आरपीएफ के […]

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कोलकाता : रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति को हावड़ा स्टेशन से गिरफ्तार किये अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि एक बार फिर दो लोगों को रेल में नौकरी दिलाने के नाम पर एक अ‌भ्यर्थी से मोटी रकम ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. इस बार हावड़ा आरपीएफ के क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच के अधिकारियों ने हावड़ा मंडल कार्यालय से दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया. आरपीएफ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी अभ्यर्थी को हावड़ा मंडल में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने वाले थे, जिसके एवज में अभ्यर्थी को सात लाख रुपये आरोपी को देना था.
गिरफ्तार आरोपियों में एक का नाम उपेंद्र कुमार राम (37) बताया गया है, जो बिहार के छपरा जिले के परसा थाना अंतर्गत बनोता मुकुंदपुर गांव का निवासी है, जबकि दूसरे का नाम राजनकुमार पांडेय (22) बताया गया है, वह बिहार के सीवान जिले के रघुनाथपुर थाना अंतर्गत रघुनाथपुर गांव का निवासी है.
आरोपियों के पास से क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच ने तलाशी में ग्रुप डी के दो एपॉइंटमेंट लेटर, एक ऑनलाइन नियुक्ति फॉर्म और सीपीओ / ईसीओआर द्वारा जारी किया गया फ्री पास के साथ अभ्यर्थी का अन्य दस्तावेज बरामद हुआ है. घटना की जानकारी देते हुए एक आरपीएफ अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह इस गिरोह का मुख्य आरोपी रवींद्र कुमार है, जो कोलकाता के बालीगंज इलाके में रहता है.
गिरफ्तार आरोपियों के बयान के अनुसार वे लोग रवींद्र कुमार के लिए काम करते थे. उनका काम था रेलवे में नौकरी के इच्छुक युवाओं व उनके घर वालों से संपर्क करना. कैंडिडेट मिलते ही वह रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी की पेशकश करते थे, इसके एवज में प्रत्येक अभ्यर्थी से सात लाख रुपये की डिमांड करते थे. हालांकि नौकरी से पहले ही अभ्यर्थियों से 40 हजार रुपये ले लिया जाता था.
बाकी नौकरी के बाद लिया जाता था. दोनों को जब हावड़ा स्टेशन के मंडल कार्यालय के पास से गिरफ्तार किया गया. उस वक्त वे अभ्यर्थी रितेश कुमार सिंह से मिलने पहुंचे थे. इस दौरान किसी बात को लेकर अभ्यर्थी के साथ दोनों की बहस हुई, जिसके बाद वहां ड्यूटी पर तैनात सीआईबी की टीम ने दोनों को धर दबोचा. रितेश कुमार हावड़ा का रहने वाला है.
अभ्यर्थी रितेश कुमार सिंह ने दोनों के खिलाफ सीआईबी के पास लिखित शिकायत दर्ज करायी. रितेश कुमार ने बताया कि रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी के बदले उसे गिरोह को सात लाख रुपये चुकाना था. हालांकि 40 हजार रुपये वह पहले ही आरोपियों को दे चुका है. सीआईबी ने दोनों आरोपियों उपेंद्र कुमार राम और राजन कुमार पांडेय के हावड़ा रेलवे राजकीय पुलिस के हवाले कर दिया है. पूरी कार्रवाई हावड़ा मंडल के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त रजनीश कुमार त्रिपाठी के निर्देश पर सीआईबी इंस्पेक्टर राजेश कुमार केशरी के नेतृत्व में हुई.
इससे पहले 29 जून को सीआईबी हावड़ा की टीम ने हावड़ा स्टेशन पॉर्किंग के पास से ऐसे ही एक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त हावड़ा मंडल रजनीश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आये दिन इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं. हमारी खुफिया टीम व अन्य विभाग इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए तत्पर है.
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