कोलकाता के ईको पार्क में खुलेगा मिष्टी हब, 5 जुलाई को ट्रायल के तौर पर होगा शुभारंभ
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Jul 2018 9:30 PM
अक्टूबर माह से पूरी तरह शुरू होगी मिष्टीहब कोलकाता : मिठाईयों के मामले में देश के किसी भी जगह की तुलना में पश्चिम बंगाल की मिठाई अधिक प्रसिद्ध है. चाहे वह रसगुल्ला हो या संदेश. ऐसे ही अब जल्द ही हर तरह के विभिन्न ब्रांडेड मिठाईयों के लिए कोलकाता के मशहूर ईको पार्क में मिष्टी […]
अक्टूबर माह से पूरी तरह शुरू होगी मिष्टीहब
कोलकाता : मिठाईयों के मामले में देश के किसी भी जगह की तुलना में पश्चिम बंगाल की मिठाई अधिक प्रसिद्ध है. चाहे वह रसगुल्ला हो या संदेश. ऐसे ही अब जल्द ही हर तरह के विभिन्न ब्रांडेड मिठाईयों के लिए कोलकाता के मशहूर ईको पार्क में मिष्टी हब खुलने जा रहा है. ट्रायल के रूप में पांच जुलाई को इसका शुभारंभ किया जायेगा और मूल रूप से अक्टूबर माह से यह शुरू कर दिया जायेगा.
इसकी जानकारी सोमवार को राज्य सरकार की ओर ईको पार्क में आयोजित गेट टू गेदर के दौरान हिडको के चेयरमैन देबाशीष सेन ने दी. उन्होंने कहा कि यह देश में पहले तरह का एक मिष्टी हब होगा. इससे पहले बर्दवान में एक छोटे स्तर पर खोला गया था लेकिन यह बड़े स्तर पर खुलेगा, जो देश के साथ-साथ बाहरी देशों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा.
रहेगी सारी ब्रांडेड मिठाइयां
उन्होंने बताया कि इस मिष्टी हब में सारी तरह की ब्रांडेड मिठाइयां उपलब्ध रहेगी. देश के किसी भी कोने के हर तरह की मिठाइयां यहां आसानी से मिल जायेगी. सारे मिठाइयों की गुणवत्ता बेहतर रहेगी. इस मिष्टी हब में कुल दस काउंटर होंगे. जिसमें से सिर्फ एक काउंटर बंगाल के लोकल मिठाइयों के लिए होगी.
एक काउंटर में सिर्फ बंगाल की लोकल मिठाइयां
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में लोकल स्तर पर जिलों में भी कई तरह की मिठाईयां काफी अच्छी होती है. वे सारी मिठाइयां इस एक काउंटर में उपलब्ध रहेगी, जहां से आप सिर्फ बंगाल की लोकल मिठाइयों को आसानी से ले सकते है. इस काउंटर से लोकल स्तर की हर जिले की अच्छी व प्रमुख मिठाइयां मिल जायेगी.
हर तीन माह पर होंगे परिवर्तन
उन्होंने बताया कि सिर्फ इस एक काउंटर से मिठाइयों का परिवर्तन होते रहेगा. हर तीन माह पर कभी बर्दवान की मिठाइयां, तो कभी बीरभूम जिले की, तो कभी दक्षिण 24 परगना की मिठाइयां उपलब्ध रहेगी. इसमें मोहन भोग, लोबोंगो लतिका, रसगुल्ला, भापा दही, मलाई चम-चम, नोलेन गुड़ का पायस, पंतुआ, पटी शापता, राजभोग, छेनार जीलापी, काला जाम, दरबेश, पायस, शोर भाजा, लेडी केन्नी, खीरकदम, निकुटी, सीता भोग, खिर का चप, मिठा दही समेत हर तरह की बंगाल की लोकल मिठाइयां उपलब्ध रहेगी.
राजस्व, टूरिस्ट, बाहरी देशों के लिए भी सुविधा
उन्होंने बताया कि इससे बंगाल का ब्राडिंग के साथ-साथ राजस्व भी बढ़ेगा. टूरिस्ट का भी बढ़ावा मिलेगा. बंगाल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिग भी होगी. साथ ही दूसरे राज्य व दूसरे देशों से भी आने वाले लोगों को इस मिष्टी हब से मिठाई ले जाने में किसी तरह की दिक्कतें नहीं होगी क्योंकि एयरपोर्ट से नजदीक होने के कारण उन्हें अधिक सुविधा होगी.
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