बाबा साहेब आंबेडकर विवि से हाइकोर्ट ने परीक्षार्थियों की हाजिरी की मांगी रिपोर्ट

कम उपस्थिति के कारण पहले सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गयी, 65 परीक्षार्थी पहुंचे थे हाइकोर्ट
कोलकाता. बाबा साहेब आंबेडकर विश्वविद्यालय के 65 परीक्षार्थियों ने विवि प्रबंधन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए हाइकोर्ट का रुख किया. परीक्षार्थियों का आरोप है कि पर्याप्त हाजिरी नहीं होने को लेकर पहले सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने की अनुमति उन्हें नहीं दी गयी, साथ ही जुर्माना भी लगाया गया. लेकिन उनसे भी कम हाजिरी वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति विश्वविद्यालय ने दी है. न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से परीक्षार्थियों की उपस्थिति को लेकर रिपोर्ट तलब की है. साथ ही अदालत ने यह भी जानना चाहा है कि 2023 के नवंबर महीने में सेशन शुरू होने के बाद कितने कॉलेजों को अनुमोदन दिया गया था. हलफनामा के रूप में इसे जमा करने को कहा गया है. सेशन चलने के मध्य में कितने छात्र भर्ती हुए थे, रिपोर्ट में इसका भी उल्लेख करने का निर्देश दिया गया. उपरोक्त अवधि में जिन कॉलेजों को स्वीकृति दी गयी, दाखिल हुए कितने छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गयी है, इसकी जानकारी भी देने को कहा गया है. मामला करने वालों के वकील ने अदालत को बताया कि विश्वविद्यालय के नियम के मुताबिक, परीक्षा के लिए 100 दिनों की उपस्थिति अनिवार्य है. परीक्षार्थियों की उपस्थिति 77 दिन थी. परीक्षार्थियों से 23 दिन अनुपस्थित रहने को लेकर जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना देने के बाद भी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गयी. कई ऐसे छात्र भी हैं, जिनकी उपस्थिति इनसे कम रही है, जबकि उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गयी है.
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