CBI ने आरजी कर मेडिकल अस्पताल के प्रिंसिपल संदीप घोष और फोरेंसिक मेडिसिन के डेमोस्ट्रेटर के ठिकानों पर मारा छापा

Published by : Sameer Oraon Updated At : 25 Aug 2024 9:47 AM

विज्ञापन

CBI Big Action in Delhi

सीबीआई ने संदीप घोष और डॉ. देबाशीष सोम के ठिकानों पर छापा मारा है. उनके खिलाफ आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुए भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत दर्ज है

विज्ञापन

कोलकाता : सीबीआई ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष, फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी के डेमोस्ट्रेटर डॉ. देबाशीष सोम के ठिकानों पर रविवार सुबह छापा मारा है. ये छापा अस्पताल में हुए भ्रष्टाचार को लेकर किया गया है. जांच एजेंसी ने कल ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर इस मामले में जांच शुरू कर दी है.

कितने ठिकानों पर पड़ा है छापा

सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी और उनके सहयोगियों के कुल 14 ठिकानों छापा मारा गया है. उन्होंने बताया कि कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने हत्या के साथ-साथ कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले भी दर्ज किए हैं. गौरतलब है कि आरजीकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई हत्या और दुष्कर्म के बाद सुर्खियों में बना हुआ है. इस मामले में एक आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया है.

किसने दर्ज करायी थी शिकायत

आरजी कर मेडिकल अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने अस्पताल में हो रहे भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं पर शिकायत दर्ज कर ईडी जांच की मांग की थी. उन्होंने इसके लिए कई सबूत दिये थे. उन्होंने अपनी शिकायत स्वास्थ्य, सुरक्षा के साथ साथ सरकारी धन दुरुपयोग जैसी कई गंभीर बातों का उल्लेख किया था. उन्होंने कहा था कि वह सबसे पहले वेस्ट बंगाल पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज करायी थी लेकिन न्याय नहीं मिला. जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया और सीबीआई को जांच के निर्देश दिये. न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज ने निर्देश देते हुए कहा कि मामला गंभीर है, इसलिए इसे सीबीआई को सौंप दिया जाए.

Also Read: Kolkata Doctor Murder Case: एक्शन में CBI, 5 डॉक्टरों से की पूछताछ

संदीप घोष पर किस तरह के लगे हैं आरोप

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी आरजी मेडिकल अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल की कार्यशैली सवाल उठाए थे. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और सरकार को कड़ी फटकार लगायी थी. संदीप घोष पर लावारिश लाशों का सौदा, नियुक्तियों में अनियामित्तता और कमीशनखोरी जेसे कई आरोप लगे हैं. जिसके बाद सीबीआई ने भी उनसे पूछताछ की थी.

Also Read: Kolkata Doctor Murder Case : क्या होता है पाॅलीग्राफी टेस्ट? धड़कन तेज होने से ये सच्चाई आती है सामने…

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola