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EC की नोटिस पर किचकिच, चुनाव आयोग और BJP साथ-साथ तो 2011 में कैसे जीती थीं ममता बनर्जी?

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
चुनाव आयोग और BJP साथ-साथ तो 2011 में कैसे जीती थीं ममता बनर्जी?
चुनाव आयोग और BJP साथ-साथ तो 2011 में कैसे जीती थीं ममता बनर्जी?
प्रभात खबर ग्राफिक्स

Bengal Chunav 2021: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण की वोटिंग 10 अप्रैल को है. इसके पहले सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा सियासी बवंडर ममता बनर्जी को मिले चुनाव आयोग की नोटिस से दिख रहा है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को मुस्लिम वोटबैंक पर दिए गए उनके बयान के लिए बुधवार को 48 घंटे में जवाब देने का नोटिस थमाया है. टीएमसी ने चुनाव आयोग की नोटिस के पीछे बीजेपी का दिमाग करार दिया है. दूसरी तरफ बीजेपी के नेता टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर प्रचार में हिंदु-मुस्लिम वोटबैंक को लेकर बयान देने के आरोप लगाते दिख रहे हैं.

ममता को 48 घंटे में जवाब देने का निर्देश

दरअसल, तीन अप्रैल को टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने हुगली में सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि मुसलमान अपने वोट को बंटने ना दें. ‍वो किसी और पार्टी को वोट ना करें. उन्हें चुनाव में टीएमसी के लिए वोट करना है. ममता बनर्जी के इसी बयान से नाराज बीजपी ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया और टीएमसी सुप्रीमो को नोटिस थमा दिया गया. चुनाव आयोग ने बुधवार को टीएमसी सुप्रीमो को नोटिस थमाते हुए 48 घंटे में जवाब देने का निर्देश दिया है. टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को मिले नोटिस पर सोशल मीडिया पर भी खूब हंगामा देखने को मिल रहा है. ट्विटर यूजर्स सीएम ममता बनर्जी से कई सवाल कर रहे हैं. कई यूजर्स ने नेताओं की बदजुबानी पर भी सवाल खड़े किए हैं.

48 घंटे में 24 घंटे सोचने के लिए मिला है...

ट्विटर पर कई यूजर्स टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को मिले चुनाव आयोग की नोटिस पर सवाल करते दिख रहे हैं. प्रोफेसर बडी यूजर ने नोटिस पर चुटकी ली और कमेंट किया- चुनाव आयोग 48 घंटे देता है. क्योंकि, 24 घंटे तो सोचने में ही लग जाते हैं कि चुनाव आयोग है क्या?. एएस हैंडल से सवाल किया गया कि सेंट्रल फोर्सेज को थप्पड़ मारने के लिए महिलाओं को उकसाने पर सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ कुछ क्यों नहीं किया जाता है? एक यूजर ने ममता बनर्जी को मिली नोटिस पर डेरेक ओ ब्रायन को याद किया. कई यूजर्स ममता बनर्जी से सवाल करते दिखे- अगर चुनाव आयोग बीजेपी के हिसाब से काम कर रही है तो टीएमसी को 2011 में सत्ता कैसे मिली? कई यूजर्स तो जीफ कमेंट्स करते दिखे.

क्या पीएम मोदी के बयान पर मिली नोटिस?

ट्विटर यूजर्स की मानें तो पीएम मोदी के कूचबिहार में दिए गए चुनावी भाषण और बीजेपी की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को नोटिस थमा दिया है. बता दें मंगलवार को कूचबिहार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था ममता बनर्जी हिंदू-मुसलमान को बांट रही हैं. खुलेआम मुस्लिमों का वोट मांग रही हैं. उनकी घबराहट से साफ है कि मुसलमान वोटबैंक उनके हाथ से छिटक गया है. उन्होंने आगे कहा अगर हमने सारे हिंदुओं के एक होने की बात कही होती तो चुनाव आयोग की नोटिस मिलती. हमें आठ-दस दिन के लिए बैन कर दिया गया होता.

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