कांकसा में आदिवासियों का थाने का घेराव

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कांकसा में आदिवासियों का थाने का घेराव

कांकसा थाना क्षेत्र के कठाल डांगा गांव की एक आदिवासी महिला 12 दिन से लापता है और पुलिस अभी तक उसका कोई पता नहीं लगा पायी है.

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आदिवासी संगठनों ने पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप पानागढ़. बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि पश्चिम बर्दवान के कांकसा में एक और घटना ने आदिवासी समाज को झंकझोर दिया है. कांकसा थाना क्षेत्र के कठाल डांगा गांव की एक आदिवासी महिला 12 दिन से लापता है और पुलिस अभी तक उसका कोई पता नहीं लगा पायी है. इसी को लेकर रविवार को कांकसा ब्लॉक आदिवासी अधिकार मंच ने थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया.

थाने पर घेराव और ज्ञापन सौंपा

प्रदर्शन के दौरान आदिवासी संगठनों ने थाने के समक्ष विक्षोभ जताते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. उनका आरोप है कि बीरभूम की तरह ही कहीं कांकसा में भी लापता महिला के साथ अनहोनी न हो जाये. उन्होंने कहा कि 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है.

आदिवासियों ने चेताया, उग्र आंदोलन होगा : संगठन के सदस्यों ने कहा कि राज्य में आदिवासियों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहा है. बीरभूम की घटना से समाज अब भी आक्रोशित है और ऐसे में कांकसा की महिला की गुमशुदगी ने चिंता बढ़ा दी है. आदिवासी अधिकार मंच ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस अविलंब महिला को तलाशने की कार्रवाई नहीं करती तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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