विश्वभारती विवि के कुलपति बने प्रबीर कुमार घोष

Author Amit kumar
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विश्वभारती के पूर्व छात्र रहे डॉ प्रबीर कुमार घोष को इस केंद्रीय विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया गया. इस आशय पर मंगलवार शाम को ही केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से अधिसूचना जारी कर दी गयी. पूर्व कुलपति विद्युत चक्रवर्ती का आठ नवंबर 2023 को कार्यकाल पूरा होने के 16 माह बाद फिर विश्वभारती को स्थायी कुलपति मिल गया है.

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बोलपुर.

विश्वभारती के पूर्व छात्र रहे डॉ प्रबीर कुमार घोष को इस केंद्रीय विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया गया. इस आशय पर मंगलवार शाम को ही केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से अधिसूचना जारी कर दी गयी. पूर्व कुलपति विद्युत चक्रवर्ती का आठ नवंबर 2023 को कार्यकाल पूरा होने के 16 माह बाद फिर विश्वभारती को स्थायी कुलपति मिल गया है. इससे पहले प्रबीर कुमार घोष आइसीएआर के कुलपति थे. विश्वभारती के कानून 1951 के अनुसार उनका चुनाव के जरिये चयन किया गया है.

नोबेलजयी कविगुरु रबींद्रनाथ टैगोर के सपनों की विश्वभारती पश्चिम बंगाल में एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है. 1951 के कानून के अनुसार यह विश्वविद्यालय अद्वितीय है. यहां की कुलाध्यक्ष या परिदर्शक (विजिटर) देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कुलाधिपति (चांसलर) देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. यहां तक कि इस विश्वविद्यालय के रेक्टर या प्रमुख पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं. विद्युत चक्रवर्ती विश्वभारती के अंतिम स्थायी कुलपति थे. वह आठ नवंबर, 2023 को सेवानिवृत्त हो गये. उसके 16 महीनों के बाद नया स्थायी कुलपति यहां के पूर्व छात्र प्रबीर कुमार घोष को बनाया गया है.

मालूम रहे कि नये कुलपति प्रबीर कुमार घोष 1981 से 1985 तक विश्वभारती में कृषि विभाग के छात्र थे. उन्हें छत्तीसगढ़ के रायपुर में आइसीएआर का कुलपति नियुक्त किया गया था. वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद वह विश्वभारती के स्थायी कुलपति बनाये गये हैं. उल्लेखनीय है कि इसके पहले विश्वभारती में कार्यवाहक कुलपति के रूप में संजय कुमार मल्लिक, अरबिंद मंडल और विनय कुमार सारेन कार्य संभाल रहे थे. विश्वभारती से जुड़े सूत्रों की मानें, तो प्रबीर कुमार घोष जल्द ही कुलपति का पदभार ग्रहण करेंगे.

धरोहर का विकास करेंगे नये कुलपति

बुधवार को ही विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में प्रबीर कुमार घोष ने कार्यवाहक कुलपति विनय कुमार सारेन से पदभार ग्रहण कर लिया. बाद में नये कुलपति प्रबीर कुमार घोष ने कहा, “एक दो दिन में यहां अपनी नयी भूमिका पर विस्तार से बातचीत करूंगा. चाहता हूं कि गुरुदेव रबींद्रनाथ ठाकुर की इस धरोहर का अपेक्षित गरिमा के साथ विकास हो. इसमें हम सब को मिल कर काम करना होगा. मैं यहीं से पढ़ कर निकला हूं. चूंकि बीते 35 वर्षों तक मैं यहां से बाहर था, लिहाजा अब यहां जो कार्यभार मिला है, उसका निष्ठापूर्वक निर्वहन करूंगा.”

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