आइएनएस तारागिरी के निर्माण में सेल की महती भूमिका

Updated at : 04 Apr 2026 9:26 PM (IST)
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आइएनएस तारागिरी के निर्माण में सेल की महती भूमिका

इस्पात मंत्रालय के अधीन महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) ने भारतीय नौसेना में शामिल आइएनएस तारागिरी के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

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आसनसोल.

इस्पात मंत्रालय के अधीन महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) ने भारतीय नौसेना में शामिल आइएनएस तारागिरी के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. यह युद्धपोत नीलगिरि श्रेणी (प्रोजेक्ट 17 ए) के स्टील्थ फ्रिगेट्स का चौथा जहाज है, जिसे 03 अप्रैल 2026 को नौसेना में शामिल किया गया. आईएनएस तारागिरी का निर्माण मडगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने किया है. इसके निर्माण में करीब 4000 टन विशेष ग्रेड के स्टील प्लेट्स का उपयोग हुआ, जिसकी पूरी आपूर्ति सेल ने की. यह स्टील बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों में तैयार किया गया, जो कंपनी की उन्नत तकनीक और गुणवत्ता मानकों को दर्शाता है. सेल लगातार रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को मजबूत करने में योगदान दे रहा है. कंपनी ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है.

इससे पहले भी सेल ने कई नौसैनिक परियोजनाओं के लिए विशेष स्टील की आपूर्ति की है. सेल ने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और प्रोजेक्ट 17 ए के अन्य जहाज आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरी और आईएनएस उदयगिरी के निर्माण में भी स्टील उपलब्ध कराया है. आईएनएस तारागिरी का नौसेना में शामिल होना देश की समुद्री ताकत और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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