कोयला खदानों के किनारे बसे लोगों को हटाने का पुरजोर विरोध

Updated at : 13 Sep 2025 10:00 PM (IST)
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कोयला खदानों के किनारे बसे लोगों को हटाने का पुरजोर विरोध

एसटी, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से जुड़ी संगठन जॉइंट एक्शन कमेटी (जैक) का शनिवर को बाराबनी इलाके में जुलूस को लेकर सुबह से ही पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही.

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आसनसोल/रूपनारायणपुर.

एसटी, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से जुड़ी संगठन जॉइंट एक्शन कमेटी (जैक) का शनिवर को बाराबनी इलाके में जुलूस को लेकर सुबह से ही पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही. जैक की ओर से चरनपुर हाटतला गांव में ग्रामीणों पर हुए हमले के विरोध में गौरांडी रेल गेट से चरणपुर हाटतला तक एक जुलूस ले जाने की तैयारी थी, जिसे पुलिस ने बीच रास्ते में ही काशीडांगा गांव के पास पुलिस ने बैरिकेट लगाकर रोक दिया. रैली में भारी संख्या में पुरुष, महिला, युवक-युवतियां शामिल रहे. इस जुलूस को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गयी थी, रैफ और कॉम्बैट फोर्स को भी उतारा गया था. काशीडांगा में ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जैक के नेताओं की बात हुई.

पुलिस ने उनलोगों को आश्वासन दिया कि उनके लोगों के साथ किसी प्रकार का कोई अत्यचार नहीं होगा. सभी को न्याय मिलेगी. पुलिस के साथ लंबी चली बातचीत के बाद जुलूस को आगे ले जाने के बजाय वहीं समाप्त कर दिया गया. जुलूस का नेतृत्व सुमंत बाउरी, नयन गोप, अशोक भुइयां, राजीव टुडू, काजल बाउरी, दिलीप महाली आदि दे रहे थे.

क्या है पूरा मामला बाराबनी थाना क्षेत्र में इसीएल के श्रीपुर सतग्राम एरिया की चरनपुर भनौड़ा ओसीपी इस इलाके में स्थित है. स्थानीय चरनपुर हाटतला इलाके के लोगों का आरोप है कि खदान उनके घरों से 50 मीटर के दायरे में पहुंच गया है. ब्लास्टिंग होने से घरों को नुकसान हो रहा है. सूत्रों के अनुसार यह सारे लोग सराकरी जमीन पर वर्षो से बसे हुए हैं. इनकी मांग है कि इन्हें यहां से पुनर्वासित किया जाए, फिर यहां खनन का कार्य हो. जिसे लेकर आंदोलन करते हुए ग्रामीणों ने आंदोलन करते हुए माइन्स बंद कर दिया था. आठ सितंबर रात को यहां खदान में कार्य शुरू किया गया.

ग्रामीण जब विरोध करने गये तो हंगामा हुआ, जिसमें अनेकों लोग घायल हुए. आसनसोल जिला अस्पताल में उनका इलाज चला. इस घटना पर बाराबनी में दोनों पक्षों की ओर से शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई. एक शिकायत चरनपुर गांव के निवासी काजल सिन्हा ने की, जिसमें उन्होंने बाउरी और महाली समुदाय के स्थानीय छह लोगों को नामजद के साथ अन्य को आरोपी बनाया. जिसमें जान से मारने का प्रयास का आरोप लगाया और तीन लोगों के घायल होने की बात कही गयी. दूसरी शिकायत में चरणपुर हाटतला गांव की निवासी अनिता बाउरी ने की जिसमें उन्होंने 14 लोगों को नामजद और अन्य को आरोपी बनाया. शिकायत में मारपीट करने, घर में लूटपाट करने का आरोप लगाया. श्रीमती बाउरी के शिकायत के बाद से ही जैक उनके समर्थन में उतर गया है और ग्रामीणों की पुनर्वास की मांग को लेकर मुहिम शुरू कर दिया है. जिसके तहत बाराबनी थाना के समक्ष मोमबत्ती जलाकर प्रदर्शन किया गया. बारबनी के बीडीओ को ज्ञापन दिया गया और शानिवर को चरनपुर हाटतला गांव में जाने के लिए गौरांडी रेल गेट से रैली निकाली गयी. जिला के विभिन्न इलाकों से भारी संख्या में लोग इस रैली में शामिल हुए. जिसे लेकर पुलिस की तैयारी भी काफी मजबूत थी. पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद रैली बीच में ही समाप्त कर वापस लौट गये.

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