उपराष्ट्रपति चुनाव में तृणमूल के कुछ सांसदों ने की क्रॉस वोटिंग, दो सांसदों ने आकर स्वीकारा

Updated at : 10 Sep 2025 9:42 PM (IST)
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उपराष्ट्रपति चुनाव में तृणमूल के कुछ सांसदों ने की क्रॉस वोटिंग, दो सांसदों ने आकर स्वीकारा

भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग पर बड़ा बयान दिया, उन्होंने कहा कि तृणमूल के सांसदों ने भी उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की है.

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आसनसोल

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भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग पर बड़ा बयान दिया, उन्होंने कहा कि तृणमूल के सांसदों ने भी उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की है. दो सांसदों ने इस बात को उनके सामने स्वीकार भी किया कि उनलोगों ने क्रॉस वोटिंग की है. इस चुनाव में बड़ी संख्या में हुई क्रॉस वोटिंग से एनडीए के घर और भी ज्यादा मजबूत हो गया है. बुधवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आसनसोल आये श्री अधिकारी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं. श्री अधिकारी ने नेपाल से जुड़े मुद्दे पर कहा कि इससे देश की स्थिति को कोई नुकसान नहीं होगा. देश मजबूत स्थिति में है और हमारे नेता भी मजबूत हैं. हमारा कर्तव्य है कि हम देश के प्रधानमंत्री के साथ खड़े रहें और उन्हें अपना काम करने दें. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य में एसआईआर लागू नहीं करने के बयान पर श्री अधिकारी ने तीखा हमला बोला और कहा कि मुख्यमंत्री का यह कदम असंवैधानिक है, वह सीधे-सीधे देश की संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती दे रही हैं. मुख्यमंत्री यह सब कुछ एक विशेष समुदाय, बांग्लादेश से आए घुसपैठियों और रोहिंग्या शरणार्थियों को संरक्षण देने के लिए कर रही हैं. एआइटीसी (ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस) भले ही पश्चिम बंगाल में अपनी पहचान एक बड़ी पार्टी के रूप में पेश करती हो, लेकिन असल में यह एक क्षेत्रीय पार्टी है. पार्टी ने हाल ही में पांच जिलों के चुनाव अधिकारियों के पास बीएलओ-2 का नाम जमा किया है. ममता बनर्जी की यह पूरी रणनीति तुष्टिकरण की राजनीति पर आधारित है और यह कदम राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

बंगाल में भाजपा का बड़ा दांव, गुरुवार से ‘नरेंद्र कप नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट’

पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए स्वामी विवेकानंद के नाम पर ‘नरेंद्र कप नॉक आउट फुटबॉल टूर्नामेंट’ आयोजित करने का ऐलान किया है. यह प्रतियोगिता 11 सितंबर से शुरू होकर सात दिनों तक चलेगी और राज्य के 43 अलग-अलग स्थानों पर खेली जाएगी. आसनसोल में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में शुभेंदु अधिकारी ने इस प्रतियोगिता की औपचारिक घोषणा की.

श्री अधिकारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन “देशप्रेमी सामाजिक युवा संगठन” की ओर से किया जा रहा है और यह गैर-राजनीतिक है. हालांकि इसके सफल आयोजन के लिए भाजपा के विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पार्षद, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तरीय नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. फुटबॉल टूर्नामेंट की शुरुआत 11 सितंबर को होगा, जो एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि इसी दिन 1893 में स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में अपना प्रसिद्ध भाषण देकर भारतीय दर्शन और आध्यात्म को पूरी दुनिया से परिचित कराया था. 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन के दिन इस प्रतियोगिता का समापन होगा. हजारों की संख्या में फुटबॉल टीमें ऑनलाइन पंजीकरण करा चुकी हैं, अनेकों टीमें कतार में हैं. बाकी टीमों को भी जल्द रजिस्ट्रेशन का मौका दिया जाएगा ताकि वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें. इस प्रतियोगिता में विजेता टीमों को ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा. प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 25 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 15 हजार रुपये रखा गया है.

श्री अधिकारी ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाना, फुटबॉल को नयी ऊर्जा देना और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन राज्य में खेल और खेलभावना को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा.

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