बंगाल में 10 जगह ईडी के छापे, बोरियों में रद्दी कागज की तरह भर रखे थे नोटों के बंडल

Updated at : 04 Feb 2026 7:04 AM (IST)
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ED raids 10 places in Bengal

दिन भर चली छापेमारी के बाद दस्तावेज लेकर निकलती ईडी की टीम. फोटो : प्रभात खबर

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कोयला कारोबारियों के 10 ठिकानों पर रेड की. रेड के दौरान अधिकारी उस वक्त हैरान रह गये, जब उसे बोरियों में रद्दी कागज की तरह नोटों के बंडल रखे मिले. बैंक से नोट गिनने वाली मशीनें मंगवाकर गिनती की गयी, तो यह रकम एक करोड़ रुपए से अधिक निकली.

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कोयला तस्करी केस की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. एक ठिकाने पर करीब 12 घंटे तक चली छापेमारी में ईडी के अफसरों को बोरियों में भरकर रखे नोट मिले. रकम इतनी बड़ी थी कि इन्हें गिनने के लिए बैंक से नोट गिनने वाली 3 मशीनें मंगानी पड़ी.

कोयला कारोबार और मनी लाउंडरिंग से जुड़े केस में रेड

ईडी की टीम सुबह 6:30 बजे पश्चिम बर्द्धमान जिले के जामुड़िया में वार्ड नंबर 4 के हाटतला इलाके में हार्डवेयर व्यापारी राजेश बंसल के आवास पर पहुंची. अवैध कोयला कारोबार और मनी लाउंडरिंग से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर यह कार्रवाई की गयी. राजेश बंसल के भाई रमेश बंसल और उनके 2 पुत्र अमित और सुमित बंसल जामुड़िया में रहते हैं. राजेश बंसल रानीगंज में रहते हैं.

3 कार से पहुंचे एक दर्जन से अधिक ईडी अफसर

सुबह ईडी के एक दर्जन से अधिक अधिकारियों की टीम 3 कार से राजेश बंसल के घर पहुंची. सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ के जवानों ने साबुन फैक्टरी वाली गली को घेर लिया. लगभग 8 घंटे से अधिक चली सघन तलाशी के दौरान घर में मौजूद कुछ बोरियों को खोलने पर ईडी के अधिकारी हैरान रह गये. बोरियों में रद्दी कागजों की तरह नोटों के बंडल रखे थे.

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सरकारी बैंक से नोट गिनने वाली 3 मशीनें मंगानी पड़ी

नोट इतने अधिक थे कि ईडी की टीम को पास के सरकारी बैंक से नोट गिनने की 3 मशीनें मंगवानी पड़ी. खबर है कि बोरियों में एक करोड़ रुपए से अधिक के नोट थे. राजेश बंसल का रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में इंडस्ट्रियल हार्डवेयर का बड़ा कारोबार है.

कोयला व्यापार की आड़ में काले धन को सफेद करने की आशंका

ईडी इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इन व्यापारिक गतिविधियों की आड़ में कोयला क्षेत्र से जुड़े काला धन को सफेद किया जा रहा था. इस कार्रवाई के तार कोलकाता, दुर्गापुर और पांडबेश्वर से भी जुड़ते दिख रहे हैं. ईडी का कहना है कि राजेश कोयला तस्करी से जुड़े रुपए को विभिन्न जगहों पर हवाला एवं अन्य साधनों से ट्रांसफर करते थे.

जामुड़िया और रानीगंज में छापे से व्यापारियों में खलबली

शिल्पांचल में मंगलवार सुबह-सुबह हुई इस रेड ने जामुड़िया और रानीगंज के व्यापारिक गलियारों में खलबली मचा दी है. इस छापेमारी के दौरान तनाव तब बढ़ गया, जब रमेश बंसल के छोटे बेटे सुमित बंसल पर रेड को कवर कर रहे पत्रकारों को अपना काम करने से रोका गया और उनके साथ बदसलूकी की गयी. ईडी ने रानीगंज के बकतार नगर के बालू व्यवसायी किरण खान के घर पर भी छापेमारी की. वहां से भी कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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