‘लोकल प्रबंधन के कुछ अफसरों से मिल तृणमूल कांग्रेस के लोग कर रहे फर्जीवाड़ा’

Updated at : 09 Sep 2025 9:48 PM (IST)
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‘लोकल प्रबंधन के कुछ अफसरों से मिल तृणमूल कांग्रेस के लोग कर रहे फर्जीवाड़ा’

सेल आइएसपी बर्नपुर में 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण का कार्य शुरू होने से पहले ही भाजपा ने भष्टाचार होने की आशंका जताते हुए, पहरेदार बनकर पूरे कार्य की निगरानी करने का दावा किया.

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आसनसोल.

सेल आइएसपी बर्नपुर में 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण का कार्य शुरू होने से पहले ही भाजपा ने भष्टाचार होने की आशंका जताते हुए, पहरेदार बनकर पूरे कार्य की निगरानी करने का दावा किया. भाजपा जिलाध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल का एक हिस्सा सेल आइएसपी बर्नपुर के स्थानीय प्रबंधन के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर घोटाला कर रहे हैं. यहां ठेकेदारों के यूनियन के नाम पर सिंडिकेट राज बनाने की बात सामने आयी है. राज्य में पहली बार केंद्र सरकार ने इतनी बड़ी रकम का निवेश कर रही है. जिससे इलाके में हजारों की संख्या में रोजगार का सृजन होगा. इस राशि का उपयोग सही और पारदर्शी तरीके से हो, इसकी निगरानी भाजपा करेगी. जिसे लेकर बुधवार को राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी त्रिवेणी मोड़ बर्नपुर के समक्ष मैदान में सभा करेंगे और सभा के उपरांत सेल आइएसपी के निदेशक प्रभारी से बैठक करके इस परियोजना की विस्तृत जानकारी लेंगे. मंगलवार को पार्टी जिला कार्यालय में अयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्री भट्टाचार्य ने उक्त बातें कही.

गौरतलब है कि सेल आइएसपी बर्नपुर के विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार ने 35 हजार करोड़ रुपये आवंटन किया है. जिसे लेकर कार्य शुरू हुआ है. कार्य शुरू होते ही सिंडिकेट का खेल शुरू हो चुका है. प्रथम स्तर पर पाइलिंग के कार्य के लिए करीब 4600 करोड़ रुपये का निविदा हुआ और अनेकों कंपनियों को इस कार्य का ठेका मिला है.

कोलकाता की एक संस्था अभिज्ञान डीलकॉम प्राइवेट लिमिटेड को करीब 5.56 करोड़ का काम मिला है. संस्था के प्रतिनिधि रिबू बोस ने यह आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत किया कि मशीन लेकर जा रही उनकी गाड़ी को प्लांट के बाहर रोका गया और चालक के साथ मारपीट की गयी. सिंडिकेट में शामिल ठेकेदारों को ही सारा काम देने के लिए ठेका पाने वाली कम्पनियों पर दबाव बनाया जा रहा है. अन्यथा उन्हें यहां काम करने नहीं दिया जाएगा. सेल आइएसपी के कुछ अधिकारी भी उनके साथ मिले हुए हैं. यह शिकायत प्रभात खबर अखबार में प्रकाशित होते ही पुलिस और प्रबंधन हरकत में आ गयी. फिलहाल स्थिति थोड़ी सामान्य है. इसबीच भाजपा ने पत्रकार सम्मेलन में सिंडिकेट राज का खुलासा किया और सेल आइएसपी के कुछ आधिकरियों से मिलीभगत कर तृणमूल नेताओं पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है. शुभेंदु अधिकारी बुधवार को आकर इस मुद्दे पर सभा करेंगे और निदेशक प्रभारी के साथ बैठक कर कार्य किस प्रकार से होगा? इसकी जानकारी लेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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