सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के आसनसोल स्थित शोरूम रूप अलंकार का बैंक खाता हुआ ब्लॉक

अनोखी ठगी. साइबर ठगी की राशि से खरीदा गया सोने का सिक्का, एक को लूटा दूसरे को डाला मुसीबत में
आसनसोल. साइबर अपराधी अब बेखौफ होकर कांड को अंजाम दे रहे हैं. आसनसोल साइबर क्राइम थाने में एक ऐसा मामला दर्ज हुआ, जिसने पुलिस को भी हिला दिया है. साइबर अपराधी खुद फोन करके आसनसोल में स्थित सेनको गोल्ड के शोरूम रूप अलंकार में आया और 53 ग्राम वजन के सोने के सिक्के खरीदे. अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड दिया और ऑनलाइन आठ लाख रुपये का पेमेंट करके गया, सब कुछ सामान्य रहा. बाद में शोरूम प्रबंधन के होश उड़ गये, जब उनका खाता बैंक प्रबंधन ने ब्लॉक कर दिया. बैंक जाने पर उन्हें बताया गया कि साइबर क्राइम विभाग के निर्देश पर उनके खाते को ब्लॉक किया गया है. 29 दिसम्बर को 4.10 लाख रुपये और 3.90 लाख रुपये का जो भुगतान हुआ था, वह साइबर ठगी की राशि थी. शोरूम के मालिक अजित कुमार कयाल ने आसनसोल साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करायी. जिसके आधार पर कांड संख्या 02/26 में बीएनएस की धारा 316(2)/318(4)/319(2)/338/ 303/ 340(2)/61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. शोरूम में सोने का सिक्का खरीदने आये व्यक्ति का सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने संग्रह किया है और उसकी तलाश की जा रही है.
किस तरह अपराधियों ने बेखौफ होकर कांड को दिया अंजाम
आसनसोल में स्थित सेनको गोल्ड एंड डायमंड की फ्रेंचाइजी पार्टनशिप फर्म रूप अलंकार शोरूम के एक मालिक अजित कुमार कयाल ने अपनी शिकायत में बताया कि 23 दिसंबर 2025 को 9938896578 नंबर से कॉल आया, कॉल करनेवाले का नाम फोन में कार्तिक हाटी दिखाया. उसने सोने का सिक्का खरीदने की इच्छा जतायी और ऑनलाइन पेमेंट के लिए बैंक डिटेल्स मांगे. उसे मुहैया करा दिया गया. उसने कहा कि उसका कोई आदमी आयेगा और सिक्के ले जायेगा. 27 दिसंबर को खरीदार शोरूम में आया और 53 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का सिक्का लिया. ओडिशा के कांटाबांजी इलाके के निवासी कार्तिक हाटी के नाम से 8,06,453 रुपये का इनवॉयस बनवाया. यह खरीद आधार और पैन कार्ड डिटेल्स जमा करने और वेरिफिकेशन के बाद तथा फोन नंबर की पुष्टि होने के बाद पूरी की गयी. भुगतान आइएमपीएस ट्रांसफर के माध्यम से 4.10 लाख रुपये और 3.90 लाख रुपये फर्म के एसबीआइ खाते में जमा किया गया तथा नकद 6,453 रुपये लिये गये. वेरिफिकेशन के दौरान कार्तिक हाटी के आधार कार्ड पर लगी फोटो और मौजूदा व्यक्ति के बीच बेमेल पाया गया. जिसके बाद उसने अपनी पहचान अमित कुमार के रूप में बताते हुए कहा कि वह कार्तिक हाटी की ओर से काम कर रहा है, उसने अपना आधार कॉर्ड जमा किया, जो मैच हो गया. 29 दिसंबर को बैंक से सूचना मिली कि फर्म का खाता साइबर क्राइम विभाग के निर्देश पर रोक दिया गया है. जांच में पता चला कि अमित कुमार नामक व्यक्ति ने आठ लाख रुपये का जो भुगतान किया था, वह राजकिशोर अग्रवाल नामक व्यक्ति के एचडीएफसी खाते से हुआ था. राजकिशोर के खाते से कैसे भुगतान हुआ? यह जांच का विषय है. राजकिशोर की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज हुआ है, जिसके आधार पर रूप अलंकार के खाते पर रोक लगायी गयी है, क्योंकि ठगी का पैसा इस खाते में आया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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