जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारों का बंटवारा करेगी राज्य सरकार
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मेयर ने किया दावा- चार दशकों की जनाकांक्षा हुयी पूरी प्रशासनिक केंद्र नजदीक होने से योजनाओं की मॉनीटरिंग से विकास तेज नये जिले के गठन का लाभ मिलेगा आसनसोल-दुर्गापुर महकमा इलाके को आसनसोल. मेयर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि आगामी 14 अप्रैल से प्रभावी हो रहे नये जिले और पुलिस कमीश्नरेट के बीच अधिकारों को […]
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मेयर ने किया दावा- चार दशकों की जनाकांक्षा हुयी पूरी
प्रशासनिक केंद्र नजदीक होने से योजनाओं की मॉनीटरिंग से विकास तेज
नये जिले के गठन का लाभ मिलेगा आसनसोल-दुर्गापुर महकमा इलाके को
आसनसोल. मेयर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि आगामी 14 अप्रैल से प्रभावी हो रहे नये जिले और पुलिस कमीश्नरेट के बीच अधिकारों को लेकर कोई टकराव नहीं होगा तथा राज्य सरकार के स्तर से जारी अधिसूचना के आधार पर दोनों के बीच अधिकारों का बंटवारा कर दिया जायेगा. सोमवार को विशेष भंट में उन्होंने कहा कि बर्दवान जिले के विभाजन की मांग चार दशकों पुरानी है तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिले का गठन कर इस इलाके के लाखों निवासियों की आकांक्षा को पूरा किया है.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि बर्दवान जिले के पुनर्गठन कर आसनसोल व दुर्गापुर औद्योगिक इलाके को जिला बनाने की मांग चार दशक पुरानी है. इस मुद्दे पर विधानसभा की कई कमेटियां गठित की गयी. सभी कमेटियों ने नये जिला गठन के पक्ष में अनुशंसा की. लेकिन वाममोर्चा सरकार ने इस जनाकांक्षा को आहत किया. सभी जिलों का पुनर्गठन होता रहा, लेकिन आसनसोल तथा दुर्गापुर की उपेक्षा होती रही. मुख्यमंत्री सुश्री बनर्जी ने इस आकांक्षा को पूरा किया.
उन्होंने कहा कि भले ही कोलकाता में जिलाशासक की भूमिका नहीं हो, लेकिन नवगठित जिले में जिलाशासक की मुख्य भूमिका होगी. हर निर्णय जब पहली बार लिया जाता है तो कुछ न कुछ तकनीकी परेशानियां होती ही है. लेकिन उनका समाधान होता है. राज्य सरकार इस संबंध में अधिकारों को लेकर अधिसूचना जारी करेगी तथा पुलिस प्रशासन तथा नागरिक प्रशासन मिल जुल कर विकास करेंगे. उन्होंने कहा कि इस समय भी कमीश्नरेट इलाके में जिलाशासक की निर्णायक भूमिका है. यही परंपरा आगे भी जारी रहेगी.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि नये जिला गठन के सिके निवासियों को काफी सुविधा होगी. बर्दवान आने-जाने के लिए दो सौ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. समय, राशि तथा परेशानियों से निजात मिलेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनता के करीब लाने के अभियान में यह सार्थक कदम है. एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि नये जिले का मुख्यालय आसनसोल शहर होने से आसनसोल नगर निगम को काफी सहूलियत होगी तथा विकास कार्य भी तेजी से हो सकेगा.
जिलाशासक के साथ जीवंत सहयोग बना रहेगा. इसका लाभ विकास योजनाओं को अंतिम रूप देने में मिलेगा. उन्होंने कहा कि जिला बनने से फाइलों का बोझ कम होगा तथा इस इलाके की योजनाओं की मॉनीटरिंग तेजी से हो सकेगी. उन्होंने कहा कि जिले के लिए अधिकांश संसाधन उपलब्ध हो गये हैं. अभी ढ़ाई महीने बाकी है. शेष कार्य भी पूरे हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों के सात ही ग्रामीण इलाकों का भी विकास तेजी से होगा. आठ प्रखंड़ों को मिलाकर जिला परिषद का गठन होगा.
इलाका छोटा होने के कारण विकास नीतियां निर्धारण में सुविधा होगी. उन्होंने कहा कि आसनसोल तथा दुर्गापुर औद्योगिक इलाके हैं. नये जिले में इन इलाकों से अधिक मात्र में राजस्व राशि राज्य सरकार को प्राप्त होगी. इससे इस जिले के प्रति राज्य सरकार का ध्यान अधिक रहेगा. इसका सीधा लाभ इस जिले के निवासियों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि नये जिले के गठन की जटिल प्रक्रिया है. इसमें कुछ परेशानियां हो सकती है. अधिकारियों व कर्मचारियों के पदास्थापन का मुद्दा है. इस कारण आम जनता को प्रशासन का सहयोग करना होगा.
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