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93 सेंटर की है मंजूरी, 61 के लिए ही मिली जमीन, 38 का हुआ निर्माण, सात चालू

Updated at : 19 Jul 2025 12:25 AM (IST)
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93 सेंटर की है मंजूरी, 61 के लिए ही मिली जमीन, 38 का हुआ निर्माण, सात चालू

अड़चन. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए भी सरकारी जगह की किल्लत, एसडीओ ने की बैठक

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भूमि विभाग के अफसरों को लेकर आसनसोल सदर महकमा शासक ने की बैठक मौजूद रहे सीएमओएच के स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी आसनसोल. आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में कुल 93 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की मंजूरी मिली है, 61 सेंटरों के निर्माण के लिए जगह चिन्हित हुई है, बाकी के 32 सेंटरों को जगह ही नहीं मिल पायी है. जिसके कारण यहां काम ही नहीं शुरू हुआ. जिन 61 जगहों को चिन्हित किया गया है उसमें 38 पर सेंटर के भवनों का निर्माण हो गया है लेकिन चालू सिर्फ सात ही हो पाया है. सेंटर के 32 भवनों के लिए जमीन चिह्नित करने के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को आसनसोल सदर के महकमा विश्वजीत भट्टाचार्य ने अपने कार्यालय में बैठक की. जिसमें जिला के मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओएच) डॉ. शेख मोहम्मद यूनुस के साथ स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ भूमि विभाग और आसनसोल नगर निगम अधिकारी मौजूद थे. बैठक में भूमि विभाग के आधिकारियों को 38 सेंटरों के लिए इलाका बताया गया कि इन इलाकों के सेंटर बनना है, इसके लिए जगह चिन्हित करें. जगह सरकारी हो, अड्डा की हो, माइन्स बोर्ड ऑफ हेल्थ या इसीएल की होनी चाहिए. महकमा शासक श्री भट्टाचार्य ने कहा कि जगह चिन्हित होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा. गौरतलब है कि 15 हजार की अवादी पर एक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तैयार करने की सराकरी गाइडलाईन है. यहां प्राथमिक स्वास्थ्य की देखभाल, 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं यहां से देने का प्रावधान है. यहां टेलीमेडिसिन की भी व्यवस्था रहती है. एक चिकित्सक और नर्स की यहां तैनाती रहती है. कुछ ब्लड टेस्ट की भी सुविधा यहां मिलती है. इस सेंटर के हर भवन के लिए 35 लाख रुपये आवंटन है. नगर निगम में अवादी के हिसाब से कुल 93 सेंटरों की मंजूरी मिली है. जिसमें से 38 का भवन बन पाया है और सात चालू हुआ है. सीएमओएच डॉ. यूनुस ने कहा कि अबतक 61 सेंटरों के लिए जगह मिला है, जिसमें 38 का निर्माण पूरा हुआ है. सात सेंटर चालू हो गया है. ओबीसी के मुद्दे को लेकर अदालत में फैसला लंबित होने के कारण चिकित्सक नियुक्ति की।प्रक्रिया लटक जाने के कारण अन्य सेंटरों को आरंभ नहीं किया जा सका है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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