निगम के इनकार के बाद हाइकोर्ट का ही आसरा

Updated:
विज्ञापन

अंतिम आसरा. लोको स्टेडियम में आयोजित होनेवाले सांसद मेला पर संशय कायम आसनसोल : कलकत्ता हाइ कोर्ट के निर्देश के आधार पर मेयर जितेन्द्र तिवारी ने अपनी विस्तारित तकनीकी टीम के साथ सांसद मेला स्थल लोको स्टेडियम का निरीक्षण किया. हाईकोर्ट ने मंगलवार को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार मेयर जितेन्द्र तिवारी को सौंपा था. […]

विज्ञापन
अंतिम आसरा. लोको स्टेडियम में आयोजित होनेवाले सांसद मेला पर संशय कायम
आसनसोल : कलकत्ता हाइ कोर्ट के निर्देश के आधार पर मेयर जितेन्द्र तिवारी ने अपनी विस्तारित तकनीकी टीम के साथ सांसद मेला स्थल लोको स्टेडियम का निरीक्षण किया. हाईकोर्ट ने मंगलवार को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार मेयर जितेन्द्र तिवारी को सौंपा था.
निरीक्षण के बाद नगर निगम मुख्यालय स्थित अपने कक्ष में मेयर श्री तिवारी ने कहा सांसद मेले का आयोजन जिस स्थल पर हो रहा है और आयोजन में जिस स्तर के फिल्मी कलाकार आ रहे है, उसको देखते हुए नगर निगम स्तर से सांसद मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती है.
उन्होंने कहा कि हाइ कोर्ट के साथ-साथ वे भी चाहते हैं कि जनहित में शहर में इस तरह के आयोजन हों. पर इस आयोजन के लिए सही स्थल का चयन नहीं हो पाया. हाइ कोर्ट के निर्देश और सांसद बाबुल सुप्रियो के आग्रह पर वे स्वयं मेला स्थल पर गये तथा तैयारियों का मुआयना किया. मेयर होने के नाते वे मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दे सकते. वहां एक से दो लाख लोगों की भीड जुटेगी. किसी हादसे की स्थिति में सुरक्षा की मुक्कमल व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सांसद श्री सुप्रिय इन तकनीकी तथ्यों को देखते हुए उनसे सहमत होकर सही निर्णय लेंगे.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि आधार कार्ड तथा पासपोर्ट बनाने के लिए जुटनेवाली भीड़ को संभालने की कोई व्यवस्था नहीं है. मेले में मीका सिंह, अभिजीत, शान, अल्का आगिक जैसे अंतराष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त गायक आ रहे हैं, सांसद श्री सुप्रिय खुद लोकप्रिय कलाकार हैं. इन दिग्गज कलाकारों को सुनने लाखों की संख्या में लोग आयेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोलो ग्राउंड की सभा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पोलो ग्राउंड जैसे बड़े मैदान के बाद भी भीड को नियंत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पडी थी.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब आती हैं तो किसी बडे और खुले स्थान पर सभा होती है. उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि अभी ही सांसद मेले का आयोजन किया जाये ऐसा किसी पंजी पत्रिका में तो नहीं लिखा गया है. आयोजक सांसद मेले के लिए सुरक्षित स्थल का चयन कर अपनी सुविधा के अनुरूप दस दीन बाद एक माह बाद जब चाहे मेला करें. मेयर श्री तिवारी ने कहा कि सांसद मेला पोलो ग्राउंड जैसे खुले और बडे जगह पर करें. इसमें नगर निगम के स्तर से सेनिटेशन, लाइट, शौचालय आदि बुनियादी सुविधाएं निगम देगा.
भाजपा नेताओं ने टिप्पणी करने से किया साफ इंकार: सांसद मेला आयोजन की अनुमति नहीं दिये जाने के मुद्दे पर आसनसोल भाजपा के किसी भी नेता ने टिप्पणी करने से इंकार किया है.
सांसद के अतिरिक्त निजी सचिव पिनाकी सरकार ने कहा कि मेयर ने क्या निर्णय लिया है, इसकी आधिकारिक स्तर से कोई सूचना नहीं मिली है. सांसद मेले के आयोजक संस्था ‘मी टू वी फाउंडेशन’ के चेयरपर्सन सैबाल साहा ही आगे का निर्णय लेंगे. संस्था प्रतिनिधि आसनसोल के लिए रवाना हो चुके हैं. उनके आने पर ही आगे निर्णय लिया जायेगा.
तकनीकी टीम ने जांच की आयोजन से जुड़े सभी पहलू की
कलकत्ता हाइ कोर्ट के निर्देश पर मेयर जितेंद्र तिवारी के नेतृत्व में निगम से गयी विस्तारित तकनीकी टीम ने बुधवार को लोको स्टेडियम का निरीक्षण किया. अवसर पर निगम के अधीक्षण अभियंता सुकमल मंडल, सचिव प्रलय सरकार, प्रबाल बोस आदि मुख्य थे.
मेयर श्री तिवारी डूरंड कॉलोनी के निकट के स्टेडियम से प्रवेश करते हुए मेला ग्राउंड का निरीक्षण करते हुए दूसरे गेट के बाहर मुआयना करते हुए निकले. अधीक्षण अभियंता और टीम सदस्यों को सेनिटेशन, गेट की दूरी की गणना का आदेश देते हुए कुछ तकनीकी बातों पर चर्चा की. हाइ कोर्ट और सांसद बाबुल सुप्रियो के आग्रह पर मेयर ने स्टेडियम का मुआयना किया. पर्यावरण अधिकारी, टेक्निकल टीम विभिन्न सुरक्षा, सफाई व अन्य मुददों पर निरीक्षण कर मूल्यांकन किया. मेला से जुड़े तकनीकी पहलूओं की जानकारी ली गयी. ढांचागत पहलूओं और व्यवस्थाओं पर पूरी तरह गौर करने के बाद अगर कोइ संभावना हो तो अनुमति दी जायेगी.
मेले से आयोजन की तैयारियां चलती रही युद्धस्तर पर
12 जनवरी से आयोजित होने वाले सांसद मेले के आयोजन को लेकर स्टेडियम परिसर में जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं. बुधवार संध्या तक स्टॉलों के लिए बनाये जा रहे तीनों स्ट्रर तैयार कर लिये गये. सुबह से ही स्टेडियम में स्टॉलों के लिए आवेदकों की भीड जुटी.
दूसरे स्ट्रर के निकट चार सदस्यीय टीम स्टॉलों के आवेदन फॉर्म और अन्य प्रक्रियाओं में व्यस्त रही. पोस्ट ऑफिस, बैंकिं ग, इसीएल, हाउसिंग फाइनेंसों के प्रतिनिधि स्टॉलों के लिए आवेदन की अंतिम प्रक्रिया करते दिखे. तीन दिवसीय सांसद मेले में केंद्र सरकार के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के एक सौ से ज्यादा स्टॉलस लगाये जायेंगे. स्टॉलस के माध्यम से उज्जवला योजना के जरिये एलपीजी कनेक्शन, जन धन योजनाओं के तहत बैंक खाते खोले जायेंगे, आवास योजना के लिए कई हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां, निजी एवं वाणिज्यिक लोन के लिए कइ बैंकों के स्टॉल, आधार कार्ड, पासपोर्ट सेवा, आदि के स्टॉल रहेंगे. स्टेडियम में लाइटों को उपयुक्त स्थानों पर फिट करने के बाद उनका फाइनल ट्रायल किया गया. कोलकाता से विशेष इन साउंड सिस्टम के पचास से ज्यादा साउंड सिस्टम के कनेक्शन किये गये. साउंड सिस्टम के सुपरवाइजर ने कहा कि पूरी रात काम चलेगा.
मेयर, केंद्रीय राज्यमंत्री के बीच ‘छुआ-छुई ’ का रोचक खेल
मेयर जितेन्द्र तिवारी तथा केंद्रीय राज्यमंत्री बाबुल सुप्रिय को बीच का संबंध शुरूआती दौर से ही नोक-झोक का रहा है. व्यक्तिगत जीवन में दोनोों के बीच अच्छी पटती भी है. लेकिन राजनीतिक मुद्दे पर श्री तिवारी परिपक्व तथा श्री सुप्रिय उदार है. मेयर और उनके बीच बच्चों के बीच खेलेजानेवाले खेल ‘छुआ-छुई’ खेल जारी है. श्री सुप्रिय आगे तो मेयर उनके पीछे चल रहे हैं. वर्ष 2014 में जब श्री सुप्रिय को भाजपा से संसदीय चुनाव का टिकट मिला तो सबसे पहले मेयर श्री तिवारी ने उनका विरोध किया. चुनाव प्रचार के दौरान उन पर शराब पीकर मंदिर में प्रवेश करने का आरोप लगा. कहा गया कि इसके पीछे मेयर ही सक्रिय थे.
इसके बाद रानीगंज में प्रचार के दौरान धक्का-मुक्की हुयी. इसमें भी परोक्ष रूप से मेयर श्री तिवारी का ही नाम आया. हालांकि चुनाव में उन्हें 70 हजार मतों से जीत मिली. राजनीति हलकों में आरोप भी लगा कि मेयर श्री तिवारी ने उन्हें अनावश्यक राजनीतिक प्रचार दे दिया. दोनों के बीच राजनीतिक बयानबाजी ी हुयी तथा श्री सुप्रिय ने उन्हें कोर्ट में घसीटने की धमकी भी मुस्कुराते हुए दी. हालांकि वे उस मुद्दे पर कोर्ट नहीं गये.
इसके बाद स्वच्छता अभियान को लेकर जेके नगर स्थित स्कूल में श्री सुप्रिय क ेप्रवेश को लेकर रोका गया. इस हंगामे के पीछे भी मेयर का नाम उछला. लेकिन बीते साल पहली जनवरी को दोनों की दोस्ती भी सार्वजनिक हुयी. एक जनवरी को मेयर नगर निगम मुख्यालय के समक्ष पार्टी के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे. उधर से श्री सुप्रिय गुजर रहे थे. अचानक वे मेयर के मंच पर चले गये और नेय साल की बधाई भी दी.
मेयर के आग्रह पर गाना भी गाया. दोनों के बीच अक्सरहां बाते भी होती रहती है. लेकिन सांसद मेले के बीच फिर उनके बीच टकराहट हो गयी. यह अलग बात है कि दोनों एक-दूसरे को अपना मित्र बता रहे हैं. मेयर श्री तिवारी ने कहा कि श्री सुप्रिय के आग्रह पर वे स्वयं आयोजन स्थल पर गये. फोन पर श्री सुप्रिय से बात की. लेकिन तकनीकी मजबूरी है. इधर सुप्रिय कह रहे ैं कि मेयर मजबूर हैं, उपर के आदेश का पालन कर रहे हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola