डिजिटल भुगतान के लिए देना होगा स्व-घोषणापत्र
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जटिलता. बंद हुए एचसीए कर्मियों के लिए मंत्रालय का नया फरमान रुपनारायणपुर : भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रलय के संयुक्त सचिव भास्कर ज्योति महंता ने हिंदूस्तान केबल्स लिमिटेड (एचसीएल) के श्रमिकों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति तथा राशि भुगतान के लिए नये स्तर से स्व-घोषणा पत्र तत्काल भेजने का निर्देश कंपनी के सीएमडी आरसी सेन को […]
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जटिलता. बंद हुए एचसीए कर्मियों के लिए मंत्रालय का नया फरमान
रुपनारायणपुर : भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रलय के संयुक्त सचिव भास्कर ज्योति महंता ने हिंदूस्तान केबल्स लिमिटेड (एचसीएल) के श्रमिकों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति तथा राशि भुगतान के लिए नये स्तर से स्व-घोषणा पत्र तत्काल भेजने का निर्देश कंपनी के सीएमडी आरसी सेन को दिया है.
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि स्व-घोषणा पत्र में वीआरएस से संबंधित सभी विषयों के साथ ही अपना सर्विस डाटा देना होगा. यदि किसी कारण श्रमिक को वीआरएस की राशि का अधिक भुगतान अधिक हो जाता है तो वह राशि दस प्रतिशत ब्याज के साथ लौटानी होगी. वीआरएस के डिजिटल हस्ताक्षर को एचसीएल के इकाई प्रमुखों को प्रमाणित करने को कहा गया है.
रुपनारायणपुर यूनिट के प्रभारी उपमहाप्रबंधक कुणाल राय ने कहा कि इस संबंध में कॉरपोरेट कार्यालय से स्पष्ट दिशा निर्देश मांगा गया है. दिशा निर्देश मिलते ही उस पर कार्य शुरू किया जायेगा. संयुक्त सचिव श्री महंता ने पत्र में लिखा है कि एचसीएल के श्रमिकों के वीआरएस के लिए राशि आवंटन हेतू सप्लीमेंटरी बजट जल्द मंजूर हो जायेगा. जिस समय केबिनेट कमेटी ऑन इकॉनोमी अफेयर्स (सीसीइए) ने इस कंपनी की बंदी का केबिनेट प्रस्ताव नोट तैयार किया था. उस समय डिजिटल पेमेंट की चर्चा नहीं थी. लेकिन अब डिजिटल पद्धति से ही प्रत्येक श्रमिक का भुगतान होगा. जिसके लिए श्रमिकों को आधार नंबर, बैंक खाता नंबर आदि का विवरण उपलब्ध कराने होंगे. व्यवहारिक आवेदन आइटी कंपनी ऑन लाइन तैयार करेगी. जिसमें श्रमिकों के सर्विस डाटा सहित संपूर्ण विवरण उपलब्ध होगा. इस पद्धति से किसी प्रकार के बहस और मुकदमे बाजी से बचा जा सकेगा. इस मुद्दे पर प्रबंधन के साथ साथ श्रमिक नेताओं में भी असमंजस की स्थिति बनी हुयी है. इंटक नेता उमेश झा ने बताया कि पत्र में स्व घोषणा पत्र का उल्लेख किया गया है.
जिसमें सर्विस डाटा और वीआरएस का संपूर्ण ब्यौरा श्रमिक से मांगा गया है. सर्विस डाटा प्रबंधन के पास हेाता है. वीआरएस का ब्यौरा किसी भी श्रमिक को पता नहीं. श्रमिक का बेसिक क्या होगा, उसे किस आधार पर वीआरएस मिलेगा, यह अब तक अंधकार में है. अंतिम बैठक में सीएमडी ने यूनियन नेताओं को कहा था कि 27 दिसंबर तक सभी श्रमिकों को वीआरएस और अन्य बकाया राशि का संपूर्ण विवरण उपलब्ध करा दिया जायेगा. लेकिन आठ जनवरी तक कुछ भी नहीं दिया गया. इकाई प्रमुख से बात करने पर वे सटिक उत्तर नहीं दे पाते है. ऐसे में सभी श्रमिक दिशाभ्रमित है कि क्या करेंगे? वीआरएस का आवेदन पहले जमा दिया जा चुका है. अब नए सिरे से मंत्रलय की मांग को प्रबंधन द्वारा तथ्य मिलने पर ही पूरा किया जा सकता है.
श्रमिकों के बैंक खाते में राशि भेजेगा मंत्रालय
सूत्रों के अनुसार वीआरएस का संपूर्ण भुगतान सीधे श्रमिक के बैंक खाते में ट्रांसफर होगा. पहले राशि मंत्रलय कॉरपोरेट कार्यालय को भेजता था. वहां से श्रमिकों के नाम पर चेक बनकर आता था. इसमें से बची हुयी राशि अन्य कार्य में लग जाती थी. लेकिन इस बार मंत्रलय सीधे श्रमिक के बैंक खाते में राशि भेजेगा.
दिल्ली में हुई बैठक
एचसीएल के श्रमिकों के वीआरएस के जरिए प्राप्त राशि का ब्यौरा तैयार करने के लिए एक कमेटी गठित हुयी थी. सूत्रों के अनुसार कमेटी ने सारा डाटा तैयार कर कर शुक्रवार को दिल्ली में हुयी बैठक में पेश किया. इस पर मंत्रलय की मंजुरी मिलने के बाद ही सपलीमेंटरी बजट में वीआरएस का फंड आवंटन किया जायेगा.
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