102 बालू ब्लॉकों की नीलामी से मिलेंगे 3.87 करोड़

Updated:
विज्ञापन

जिला प्रशासन ने शुरू की इन ब्लॉकों की ऑन लाइन नीलामी प्रक्रिया आसनसोल-दुर्गापुर महकमा इलाकों में बंद है सिविल कार्य इसके संकट से रुपनारायणपुर : बर्दवान जिला के आठ प्रखंडों में अजय नदी और दामोदर नदी पर बनाये गये बालू के 102 ब्लॉकों की नीलामी से सरकारी राजस्व में न्यूनतम 3.87 करोड़ रुपये की राशि […]

विज्ञापन

जिला प्रशासन ने शुरू की इन ब्लॉकों की ऑन लाइन नीलामी प्रक्रिया

आसनसोल-दुर्गापुर महकमा इलाकों में बंद है सिविल कार्य इसके संकट से

रुपनारायणपुर : बर्दवान जिला के आठ प्रखंडों में अजय नदी और दामोदर नदी पर बनाये गये बालू के 102 ब्लॉकों की नीलामी से सरकारी राजस्व में न्यूनतम 3.87 करोड़ रुपये की राशि आयेगी. 102 ब्लॉकों की रिजर्व प्राइस तीन करोड़ 87 लाख रुपये है. रिजर्व प्राइस के उपर बोली लगने के बाद संभावना जतायी जा रही है कि 102 ब्लॉकों की नीलामी से सरकार को 40 से 45 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो सकती है. जिला शासक डॉ सौमित्र मोहन ने बताया कि पहले चरण में 102 बालू ब्लॉक की नीलामी की जा रही है. दूसरे चरण की नीलामी के लिए ब्लॉक तैयार करने का कार्य चल रहा है. इसके साथ ही पहले से चल रही लीज समाप्त होते ही उसकी भी नीलामी की प्रक्रिया जारी रहेगी.

बर्दवान जिला अंतर्गत दामेादर नदी पर बर्दवान दो प्रखंड में 19, जमालपुर प्रखंड में 14, खंडघोष प्रखंड में छह और गलसी प्रखंड में सबसे अधिक 23 तथा अजय नदी पर कटवा एक प्रखंड में नौ, मंगलकोट में सबसे अधिक 15, आउसग्राम दो प्रखंड में 12 और सालानपुर प्रखंड में चार बालू के ब्लॉक बनाकर जिला प्रशासन ई-ऑक्सन की प्रक्रिया में डाला है.

बालू के ब्लॉकों के लिए बोली लगाने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 14 दिसंबर को अपराहन तीन बजे समाप्त हो जायेगी. 24 से 26 दिसंबर तक ब्लॉकों के लिए ऑन लाइन बोली लगाने में वही लोग या संस्था भाग ले सकेगी, जिनका रजिस्ट्रेशन होगा. रजिस्ट्रेशन भी ऑन लाइन प्रक्रिया के तहत हो रही है. ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन मे ंजिन कागजातों को दर्शाया जायेगा उसका हार्ड कॉपी 14 दिंसबर अपराहन तीन बजे तक अतिरिक्त जिला शासक व डीएलएंडएलआरओ कार्यालय में जमा करनी पड़ेगी.

बोली लगाने वालों को हो सकती है समस्या: बालू ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन के उपरांत उसका हार्ड कॉपी जिला प्रशासन के पास जमा देने की प्रक्रिया को बोली लगाने वाले जटिल मान रहे है. कुछ इस प्रक्रिया को लेकर डरे हुए है.

बोली लगाने वालों का तर्क है कि ऑन लाइन में जब सब कुछ दिया जा रहा है तो उसका हार्ड कॉपी जमा देने का कोई औचित्य नहीं बनता है. हार्ड कॉपी जमा देने से बोली लगाने वालों का नाम पहले से ही खुलासा हो जायेगा और संभावना यह भी होगी कि पहले से गठित बालू के सिंडिकेट राज से उक्त व्यक्ति को बोली लगाने से रोक दिया जाये और सिंडिकेट में शामिल लोग ही बोली लगाने की प्रक्रिया में शामिल हो सके. जिला शासक डॉ मोहन ने कहा कि बोली लगाने वालों के हार्ड कॉपी का डाटा जिला स्तर पर उपलब्ध रखने के लिए यह प्रक्रिया अपनायी गयी है. यह एकदम गोपनीय रहेगी. इसके बावजूद भी बोली लगानेवालों को किसी प्रकार की कोई समस्या आती है तो प्रशासक उसका हर प्रकार से मदद करने को तैयार रहेगा.

ई ऑक्सन के बाद बालू की कीमत में भारी इजाफा: बालू के ब्लॉकों की नीलामी के बाद बालू के मूल्य के निर्धारण में अधिकारिक रुप से सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होगा. जानकारों का मानना है कि ब्लॉक नीलामी के बाद ब्लॉक मालिकों द्वारा सिंडिकेट बनाकर बालू की मनमानी कीमत तय की जायेगी. इलाकों में बालू की भारी किल्लत के कारण सिंडिकेट द्वारा बालू की जो कीमत तय होगी, लोगों को उसी मूल्य पर बालू खरीदने को बाध्य होना होगा. हालांकि जिला शासक डॉ मोहन का कहना है कि बालू के ब्लॉकों की नीलामी हो जाने से लोगों को बालू आसानी से उपलब्ध होगी. कंप्टीशन के बाजार में बालू की कीमत कम हो जायेगी. सिंडिकेट और बालू के बेस लाइन प्राइस को जिला प्रशासन मॉनिटर करेगा. इसलिए बालू की मनमानी कीमत नही हेागी.

एक व्यक्ति या संस्था सिर्फ 50 ब्लॉक

बर्दवान जिला में ई ऑक्सन के लिए पहले चरण में आयी बालू के 102 ब्लॉकों में से न्यूनतम 2.34 से अधिकतम 10 एकड़ तक का ब्लॅाक बनाया गया है. इन ब्लॉकों का टेंडर पांच साल के लिए हो रहा है. नियमानुसार एक व्यक्ति या संस्था अधिकतम 50 एकड़ से ज्यादा का ब्लॉक अपने नाम पर नहीं ले सकती है. जिला शासक ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक से कितना बालू निकाला जा सकता है यह भी निविदा में तय कर दिया गया है.

बालू के लिए चालान आवंटित किया जायेगा. जितना सीएफटी बालू उठाने का कार्य एक ब्लॉक से दिया जाएगा, उतना ही चालान आवांटित किया जायेगा. चालान समाप्त हो जाने पर ब्लॉकों की पुन: समीक्षा कर नए सिरे से निविदा जारी की जायेगी.

आसनसोल और दुर्गापुर महकमा में भारी किल्लत: बालू के अभाव के कारण आसनसोल और दुर्गापुर महकमा में सरकारी और गैर सरकारी सभी निर्माण कार्य ठप पड़ गए है. जिला में बालू के 102 ब्लॉकों की नीलामी के लिए 24 से 26 दिसंबर दो दिनों तक ऑन लाइन बोली लगेगी.

बोली में एल वन होनेवाले पार्टियों को अपने ब्लॉक के लिए पर्यावरण विभाग से इंनवायरमेंट क्लीयरेंस लेने के बाद ही वह अपने ब्लॉक से बालू निकाल पायेगा. इस प्रक्रिया में जनवरी तक का समय लग सकता है. इसके बाद ब्लॉक से बालू का उठाव आरंभ होगा. आसनसोल महकमा अंतर्गत सिर्फ सालानपुर में चार ब्लॉक है और दुर्गापुर महकमा क्षेत्र में एक भी बालू का ब्लॉक अब तक नहीं आया है. ऐसे में शिल्पांचल में बालू के लिए कठिन समस्या उत्पन्न हो सकती है. दुर्गापुर के महकमा शासक शंख सांतरा ने भी माना कि बालू को लेकर शिल्पांचल में कठिन समस्या उत्पन्न होगी. दो महकमा मिलाकर सिर्फ चार ब्लॉक अब तक बन पाए है.

जिससे शिल्पांचल की जरुरत पुरी नहीं होगी. बाहर से बालू आने पर ट्रांसपोर्टिग का खर्च काफी ज्यादा होगा. महकमा स्तर पर बालू को लेकर एक कमेटी गठित हुयी है. निविदा के बाद बालू का कारोबार आरंभ होने के उपरांत शिल्पांचल के जरुरत को सामान्य रुप से कैसे पूरा किया जा सकता है. इस विषय में निर्णय लेकर उसपर अमल किया जायेगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola