सिलेबस सामग्री उपलब्ध कराने का दायित्व विभागाध्यक्षों का

Updated:
विज्ञापन

परेशानी. नये सिलेबस की सामग्री न मिलने से यूजी के स्टूडेंट्स हुए परेशान केएनयू प्रशासन का दावा- उनकी सहमति से ही शामिल की गयी है पाठय़ सामग्री स्टूडेंट्सों को बदलनी होगी रटन्तू प्रवृति, शॉटकर्ट के बजाय पूर्ण अध्ययन जरूरी आसनसोल. काजी नजरूल विश्वविद्यालय अंतर्गत नयी सीबीसीएस पद्धति के तहत पढ़ाये जाने वाले सिलेबस की पाठ्य […]

विज्ञापन
परेशानी. नये सिलेबस की सामग्री न मिलने से यूजी के स्टूडेंट्स हुए परेशान
केएनयू प्रशासन का दावा- उनकी सहमति से ही शामिल की गयी है पाठय़ सामग्री
स्टूडेंट्सों को बदलनी होगी रटन्तू प्रवृति, शॉटकर्ट के बजाय पूर्ण अध्ययन जरूरी
आसनसोल. काजी नजरूल विश्वविद्यालय अंतर्गत नयी सीबीसीएस पद्धति के तहत पढ़ाये जाने वाले सिलेबस की पाठ्य सामग्रियों के उपलब्ध न होने से स्नात्तकोत्तर विभाग के स्टूडेंटस को पठन पाठन में काफी दिक्कतें हो रही हैं.
ज्ञात हो कि केएनयू में इस सत्र से सीबीसीएस पद्धति से पठन पाठन आरंभ किया गया है. जिसके तहत स्टूडेंटस अपने पसंद के विषयों का चयन कर सकेंगे और हर छह माह के अंतराल पर परीक्षाएं होंगी.
अपने पसंद के विषयों के पढ़ने की सुविधा मिलने से पढ़ाई बेहतर हो सकेगी और परीक्षाओं में इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगे. परंतु सीबीसीएस पद्धति के तहत पाठयक्रमों के पुस्तकें और पठन सामग्री के पुस्तक ों के बाजार में सहज उपलब्ध न होने से स्टूडेंटस की परेशानियां बढ़ी हैं.
केएनयू के रजिस्टार डॉ शांतनु घोष ने कहा कि सीबीसीएस पद्धति का आरंभ स्टूडेंटस हित में किया गया है. देश के अन्य राज्यों के शीर्ष शिक्षण संस्थानों में यह पद्धति प्रचलन में है, जिसका लाभ स्टूडेंटसों को मिल रहा है और परीक्षा के नतीजे काफी संतोषजनक रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिलेबस संबंधित पठन सामग्री न मिलने की शिकायत अभी तक नहीं मिली है.
परंतु नये पैटर्न सीबीसीएस पद्धति से पढ़ाई होने के कारण स्टूडेंटस को आरंभिक समय में कुछ असुविधाएं हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि अगर पठन सामग्री स्टूडेंटस को नहीं मिल पा रहे तो वे अपने एचओडी से संपर्क करें, उनके पास सामग्री उपलब्ध है. इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन नेट के माध्यम से भी इस विषय में स्टूडेंटस को मदद करेगी.
एचओडी के पास सामग्री उपलब्ध न होने की संभावना से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि सिलेबस कमेटी की बैठक में केएनयू के डीन, रजिस्ट्रार, केएनयू के सभी विभागों के एचओडी, बर्दवान विश्वविद्यालय, कोलकाता विश्वविद्यालय, कल्याणी विश्वविद्यालय से संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल थे. एचओडी के अनुमति के बिना पठन पाठन की किसी विषय वस्तु को सिलेबस में शामिल ही नहीं किया जा सकता है. जिस विषय वस्तु की जानकारी एचओडी के पास नहीं है उसे सिलैबस में वे शामिल ही नहीं होने देंगे. क्योंकि कक्षाएं उन्के दायित्व में चलती हैं.
विश्वविद्यालय सूत्रों ने कहा कि स्टूडेंटस जो परेशानियां बता रहे हैं उसका कारण यह है कि सिलेबस के बदलाव के अनुसार स्टूडेंटस ने अपने अध्यन के तरीके में बदलाव नहीं किये हैं. केएनयू में अब सीबीसीएस पद्धति से पढ़ाइ करायी जा रही है. परंतु स्टूडेंटस प्रश्न उत्तर की किताबें पढ कर शोर्ट कट में पढ़ाई करते आये हैं.
इसलिए ही यह परेशान आ रही है. अब तक वे संबंधित विषय पर किसी प्रकाशक के लिखे प्रश्न उत्तर पुस्तकों को पढ़ते आये हैं. अब उन्हें शॉर्ट कट छोड़ कर पूरी किताब के विषय वस्तु को गंभीरता पूर्वक पढ़ना होगा. इससे उनकी परेशानी स्वत: दूर हो जायेगी. साथ ही सीबीसीएस पद्धति इस विश्वविद्यालय में नया होने से अभी तक प्रकाशकों द्वारा इससे संबंधित पुस्तकें बाजारों में लायी नहीं जा सकी हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola