रॉमेटेरियल सप्लायर ने ले रखी है शरण
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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झारखंड की सीमा पर होने के कारण आसनसोल व धनबाद अपराधियों के लिए अच्छी शरणस्थली रही हैं. सुविधा के अनुसार अपराधी ठिकाना बदलते रहते हैं. बड़ाबाजार पुलिस के अभियुक्त रजत बख्शी के यहीं छिपे होने की जानकारी कोलकाता पुलिस को मिली है. उसे दबोचने के लिए पुलिस नेटवर्क को काफी सक्रिय कर दिया गया है. […]
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झारखंड की सीमा पर होने के कारण आसनसोल व धनबाद अपराधियों के लिए अच्छी शरणस्थली रही हैं. सुविधा के अनुसार अपराधी ठिकाना बदलते रहते हैं. बड़ाबाजार पुलिस के अभियुक्त रजत बख्शी के यहीं छिपे होने की जानकारी कोलकाता पुलिस को मिली है. उसे दबोचने के लिए पुलिस नेटवर्क को काफी सक्रिय कर दिया गया है.
आसनसोल. कोलकाता में निर्माण के दौरान ध्वस्त होनेवाले विवेकानंद ओवरब्रिज में रॉ मेटेरियल की सप्लाई करनेवाले रजत बख्शी के तार आसनसोल से जुड़ गये है. इस मामले की जांच कर रही कोलकाता पुलिस ने उसकी तलाश में आसनसोल को खंगालना शुरू कर दिया है. पुलिस को मिली सूचना के अनुसार रजत आसनसोल में राजनीतिक संरक्षण में शरण लिए हुए है.
सनद रहे कि कोलकाता में बड़ाबाजार में बीते 31 मार्च को निर्माणाधीन विवेकानंद ओवरब्रिज का बड़ा हिस्सा गणोश टॉकीज के पास भरभरा कर गिर गया था. इसमें दबने से 28 व्यक्तियों को मौत हो गयी थी. निर्माण करनेवाली ठेका कंपनी के पांच अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
विभिन्न स्तरों की जांच में यह बात सामने आयी थी कि निर्माण कार्य में घटिया स्तर का रॉ मेटेरियल का उपयोग किया गया था तथा निर्माण भी निर्धारित मानदंड़ों के अनुरूप नहीं हो रहा था. निर्माण कर रही ठेका कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया था कि उन पर स्थानीय सिंडिकेट का काफी दबाब था तथा राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण उन्हें इसी सिंडिकेट से रॉ मेटेरियल लेने पड़े थे. इसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने रजत को दबोचने का अभियान शुरू किया. सत्ताशीन तृणमूल के एक मंत्री के काफी नजदीकी होने के कारण उसे तत्काल गिरफ्तार नहीं किया जा सका था.
कोलकाता पुलिस सूत्रों के अनुसार रजत बड़ाबाजार इलाके में सिंडिकेट का संचालन करता था. राजनीतिक संरक्षण होने के कारण उसके सिंडिकेट से ही इस निर्माणाधीन ब्रिज में रॉ मेटेरियल की सप्लाइ की गयी थी. पुलिस उसे गिरफ्तार कर यह जानना चाहती है कि उसके द्वारा सप्लाइ किये गये रॉ मेटेरियल की गुणवत्ता कैसी थी? पुलिस उसके सभी संभावित ठिकाने पर छापेमारी कर रही है. नॉर्थ कोलकाता, साउथ कोलकाता तथा हावड़ा के आधा दर्जन से भी अधिक संभावित स्थलों पर छापेमारी हो चुकी है. लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है.
पुलिस को सूचना मिली है कि रजत ने आसनसोल में शरण ले रखी है. सत्ताशीन तृणमूल के एक नेता से उसके काफी गहरे संबंध है. उन्हीं के संरक्षण में वह रह रहा है. इसके साथ ही झारखंड में भी उसके बेहतर राजनीतिक संबंध हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक नेता से भी उसके बेहतर संबंध है.
आसनसोल के झारखंड सीमा पर होने के कारण वह दोनों राज्यों में आसानी से आवागमन कर रहा है. पुलिस ने आसनसोल व झारखंड के सीमावर्त्ती इलाकों में अपने नेटवर्क को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है तथा उसकी मौजूदगी को खंगाला जा रहा है. कोलकाता पुलिस की टीम कभी भी आसनसोल व धनबाद का दौरा कर सकती है. उसकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच अपने मुकाम पर पहुंच जायेगी.
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीश्नरेट के सूत्रों ने कहा कि आधिकारिक स्तर पर उनसे कोई सहायता अभी तक नहीं मांगी गयी है. यदि सहायता मांगी भी जाती है तो यह रूटीन वर्क है. राज्य पुलिस हर मामले के उद्भेदन में टीम की तरह कार्य करती है तथा एक दूसरे को सहयोग करती है.
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