जेएनयू विवाद में गृहमंत्री राजनाथ का पुतला दहन

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आसनसोल : जेएनयू में चल रहे विवाद में कन्हैया कुमार के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने तथा जेएनयू की स्वतंत्रता पर साजिश के तहत आघात करने के खिलाफ भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के युवा संगठन एआइवाइएफ, छात्र संगठन एआइएसएफ तथा माकपा के युवा संगठन डीवाइएफआइ के कर्मियों ने सोमवार को संयुक्त रुप से विरोध प्रदर्शन […]

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आसनसोल : जेएनयू में चल रहे विवाद में कन्हैया कुमार के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने तथा जेएनयू की स्वतंत्रता पर साजिश के तहत आघात करने के खिलाफ भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के युवा संगठन एआइवाइएफ, छात्र संगठन एआइएसएफ तथा माकपा के युवा संगठन डीवाइएफआइ के कर्मियों ने सोमवार को संयुक्त रुप से विरोध प्रदर्शन किया तथा लेनिन प्रतिमा के समक्ष सभा की. सभा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का पुतला दहन किया गया.
सभा को संबोधित करते हुए सीपीआइ के बर्दवान जिला सचिव व पूर्व सांसद आरसी सिंह ने कहा कि वे व्यक्तिगत रुप से कन्हैया को जानते हैं. आरएसएस का छात्र संगठन एवीबीपी जेएनयू में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है.
कन्हैया के नेतृत्व में वामपंथी यूनियनों ने उसे करारी मात दी थी तथा कन्हैया छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गये. उसी समय से आरएसएस तथा एवीबीपी उसके खिलाफ साजिश कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जिस कथित नारेबाजी के लिए कन्हैया को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया है, वह नारा उसने दिया ही नहीं था. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने खुद ही स्वीकार किया है कि उसके खिलाफ अभी तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं. इसके बाद भी पूरे देश में आरएसएस व भाजपा यह झूठा प्रचार कर रही है.
उन्होंने कहा कि देश में शिक्षण संस्थानों की एक गरिमा है. खासकर जेएनयू की अपनी एक विशेष साख है. इसमें देश-विदेश के स्टूडेंट्स पढ़ने आते हैं. शिक्षण संस्थानों में यदि विचारों की अभिव्यक्ति की छूट नहीं मिलेगी तो इन संस्थानों की उपयोगिता ही समाप्त हो जायेगी.
उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार सशस्त्र आंदोलन व हिंसा फैला रहे नागा आंतकवादियों व माओवादियों से वार्ता करने का प्रस्ताव देती है दूसरी ओर कन्हैया को झूठे मामले में फंसा कर उसके खिलाफ मिले साक्ष्यों को भी सार्वजनिक नहीं करना चाहती है.
उन्होंने कहा कि यह शिक्षण संस्थानों का भगवाकरण है. पूरे देश में विषाक्त माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि देश की छात्र यूनियनें व शिक्षक संगठन कन्हैया के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि यदि उसकी रिहाई नहीं हुयी तो देशव्यापी आंदोलन तेज होगा.
मौके पर एआइवाईएफ के बर्दवान जिलासचिव राजू राम, गोविंद आचार्य, डीवाईएफआइ के जोनल सचिव माइकल मुखर्जी, जोनल अध्यक्ष वसीमूल हक, भाकपा पार्षद कविता यादव व बबीता राय आदि मौजूद थे. सभा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का पुतला दहन किया गया.
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