हिंदी में नहीं मिलेंगे प्रश्न पत्र इस बार भी

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वंचित. आसनसोल, दुर्गापुर के सात हजार हिंदीभाषी परीक्षार्थियों को होगी परेशानी आसनसोल : आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक इलाके के सात हजार हिंदी माध्यम के उच्च माध्यमिक परीक्षार्थी इस बार भी हिंदी में प्रश्न पत्र से वंचित रहे. उन्हें प्रश्न पत्र या तो अंग्रेजी में मिलेंगे या फिर बांग्ला में. हालांकि उन्हें हिंदी माध्यम में प्रश्न पत्र उपलब्ध […]

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वंचित. आसनसोल, दुर्गापुर के सात हजार हिंदीभाषी परीक्षार्थियों को होगी परेशानी
आसनसोल : आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक इलाके के सात हजार हिंदी माध्यम के उच्च माध्यमिक परीक्षार्थी इस बार भी हिंदी में प्रश्न पत्र से वंचित रहे. उन्हें प्रश्न पत्र या तो अंग्रेजी में मिलेंगे या फिर बांग्ला में. हालांकि उन्हें हिंदी माध्यम में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के दावे विभिन्न मंचों व माध्यमों से होते रहे हैं.
हिंदी माध्यम शिक्षा विकास मंच के संरक्षक सह पूर्व सांसद आरसी सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए कानून में बदलाव की अनिवार्यता जतायी है. इसके लिए सरकार के समक्ष माहौल बनाने की पहल करनी होगी.
आसनसोल माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे आसनसोल व दुर्गापुर महकमा के परीक्षार्थियों के लिए इस समय विषम परिस्थिति बन गयी है. वैसे तो पूरे राज्य की ही यह स्थिति है. लेकिन आसनसोल में हिंदी माध्यम कॉलेज की स्थापना तथा बीते वर्ष से शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों की अपेक्षाएं काफी बढ़ गयी हैं.
परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों ने कहा कि सोमवार को प्रथम भाषा की परीक्षा होने के कारण विशेष परेशानी नहीं हुयी. लकिन मंगलवार से परेशानियां शुरू हो जायेगी. माध्यमिक परीक्षा में उन्हें हिंदी में प्रश्न पत्र मिलते है. मातृभाषा में उत्तर पुस्तिका लिखने की सुविधा के कारण उनका रिजल्ट पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है. लेकिन तमाम घोषणाओं के बाद भी उच्च माध्यमिक परीक्षा में हिंदी में प्रश्न पत्र नहीं मिले. इससे उन्हें प्रश्न समझने में काफी परेशानी होती है.
उन्होंने कहा कि आसनसोल में हिंदी माध्यम में स्नातक की पढ़ाई शुरू हो गयी है. वहां प्रश्न पत्र हिंदी में मिलेंगे. माध्यमिक में तथा स्नातक में जब हिंदी में प्रश्न पत्र मिल रहे हैं तो सिर्फ उच्च माध्यमिक परीक्षा में हिंदी में प्रश्न पत्र न देने का क्या औचित्य है?
इस संबंध में हिंदी माध्यम शिक्षा विकास मंच के संरक्षक श्री सिंह ने कहा कि मंच ने इस मुद्दे पर लगातार पहल की है. बर्दवान जिले में इस वर्ष करीब नौ हजार हिंदी माध्यम के परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जबकि पूरे राज्य में ऐसे परीक्षार्थियों की संख्या 35 हजार के करीब है. इन्हें हिंदी में प्रश्न पत्र देने के लिए जिळा शासक से लेकर राज्य मुख्यालय तक पत्रचार व पहल की गयी है. जिलाशासक कार्यालय के स्तर से भी राज्य मुख्यालय में सकारात्मक अनुशंसा की गयी है.
लेकिन उच्च शिक्षा विभाग के स्तर से सार्थक पहल नहीं होने के कारण इस वर्ष प्रश्न पत्र नहीं मिल सका है. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि हिंदी में प्रश्न पत्र देने के लिए राज्य सरकार को नियम में बदलाव करना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि हिंदी माध्यम कॉलेज के लिए जिस तरह मंच ने लगातार अभियान चलाया, उसी तरह हिंदी में फ्रश्न पत्र के लिए भी सतत अभियान चलाना होगा. उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों व उनके गाजिर्यनों को भी इसके लिए गोलबंद होना होगा.
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