आसनसोल. आसनसोल नगर निगम की जलापूर्ति पाइप को क्षतिग्रस्त करने तथा सूचना दिये बिना उसकी मरम्मत किये जाने के मामले में ग्रेट इस्टर्न इनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड (जीइइसीएल) पर आसनसोल नगर निगम प्रशासन ने दस लाख रुपये जुर्माना लगाया है.
कंपनी के अधिकारी मलय मुखर्जी को नगर निगम कार्यालय में बुधवार को मेयर परिषद सदस्य (एमएमआइसी) लखन ठाकुर ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नगर निगम के स्तर से क्षति का आकलन कर शेष राशि वापस कर दी जायेगी. राशि दस लाख से अधिक होने पर कंपनी को अतिरिक्त राशि का भी भुगतान करना होगा.
क्या है मामला
एमएमआइसी लखन ठाकुर और एमएमआइसी (जलापूत्तिर्) पूर्ण शशि राय ने बताया कि हीरापुर थाना अंतर्गत श्यामडीह में ग्रेट इस्टर्न इनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड कंपनी के कर्मियों ने श्यामडीह ग्राम में जा रहे नगर निगम के भूमिगत पाइप को क्षतिग्रस्त कर दिया.
वहां गैस पाइप बिछाने का कार्य चल रहा है. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कंपनी ने अवैध वाटर कनेक्शन लेने की कोशिश की है. कंपनी ने वहां कई पेड़ भी काट दिये. इन सभी काम को करने से पहले कंपनी के अधिकारी ने नगर निगम के किसी भी अधिकारी को सूचना नहीं दी. पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से श्यामडीह ग्राम संलग्न इलाकों में सुबह से ही जलापूर्ति नहीं हुयी. आक्रोशित ग्रामीणों ने स्थानीय पार्षद लान ठाकुर को इसकी जानकारी दी और काफी हंगामा किया. श्री ठाकुर ने ग्रामीणों के साथ पहुंच कर मुआयना किया.
मेयर जितेंद्र तिवारी को इसकी जानकारी फोन पर दी. मेयर श्री तिवारी ने कहा कि निगम इंजीनियर और अधिकारियों से घटना की जांच कराये. जरूरत पड़ने पर निगम की संपत्ति को बिना अनुमति क्षतिग्रस्त करने के आरोप में निकटवर्त्ती हिरापुर थाने में एफआइआर दर्ज करायें. एमएमआइसी श्री राय ने घटनास्थल के पास से एक वैन पर नगर निगम का पाइप, जेनरेटर आदि जब्त किया. उनका कहना था कि पाइप क्षतिग्रस्त तक ठीक है. लेकिन उसकी मरम्मत के लिए निगम का पाइप कंपनी अधिकारियों को कहां से मिला.
स्वाभाविक है कि इस पाइप की चोरी की गयी है. उन्होंने पाइप व वैन को हीरापुर पुलिस के हवाले कर दिया. एमएमआइसी (जलापूत्तिर्) श्री राय सहायक इंजीनियर काजल गोस्वामी के साथ पहुंचे. कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट शुभंकर गांगुली से स्पष्टीकरण मांगा. श्री गांगुली ने बताया कि वे अविलंब मरम्मत करवा देंगे. सहायक इंजीनियर काजल गोस्वामी ने हीरापुर थाना में मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने कार्य कर रहे ठेका कर्मी को हिरासत में लिया.
कंपनी अधिकारी श्री मुखर्जी ने बताया कि यह उच्च स्तरीय मामला है. उन्होंने मेयर परिषद के दो सदस्यों से बात की है. वे मेयर श्री तिवारी से मिलने आये हैं. एमएमआइसी श्री राय ने बताया कि बोर्ड गठन के बाद से ही निगम अंतर्गत सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को स्पष्ट कर दिया गया था कि निगम से नियमानुसार पानी लें श्यामडीह में हुयी घटना से उस इलाके के दस हजार से अधिक ग्राम वासियों को पानी से वंचित होना पड़ा है.
