मुख्यमंत्री के निर्देश पर जीइइसीएल के मुद्दे पर रविवार की बैठक बेनतीजा रही
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Feb 2020 6:52 AM
विज्ञापन
श्रम मंत्री, जिला शासक, पुलिस आयुक्त ने यूनियन और प्रबंधन को लेकर सर्किट हाउस में की दो घंटे बैठक. प्रबंधन अपने फैसले पर अड़ा रहा, श्रमिक हुए हताश. मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को बैठक की पूरी जानकारी दी जायेगी, आगे का सुझाव उनसे मांगा जायेगा. आसनसोल : जिले में सीएनजी गैस उत्पादन करने वाली ग्रेट […]
विज्ञापन
- श्रम मंत्री, जिला शासक, पुलिस आयुक्त ने यूनियन और प्रबंधन को लेकर सर्किट हाउस में की दो घंटे बैठक.
- प्रबंधन अपने फैसले पर अड़ा रहा, श्रमिक हुए हताश.
- मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को बैठक की पूरी जानकारी दी जायेगी, आगे का सुझाव उनसे मांगा जायेगा.
आसनसोल : जिले में सीएनजी गैस उत्पादन करने वाली ग्रेट इस्टर्न एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीइइसीएल) में लंबे समय से चल रहे सुरक्षा कर्मियों के विवाद पर रविवार को श्रम मंत्री मलय घटक की उपस्थिति में सर्किट हाउस में हुई बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकला.
जिला शासक शशांक सेठी, पुलिस आयुक्त सुकेश कुमार जैन, आसनसोल सदर के महकमा शासक देवजीत गांगुली, जीइइसीएल के वरीय उपाध्यक्ष शुभंकर गांगुली, ग्रेट इस्टर्न सिक्युरिटी एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सह मेयर परिषद सदस्य लखन ठाकुर उपस्थित थे. सूत्रों के अनुसार कंपनी के अधिकारी अपने निर्णय पर अडिग रहे. यह मुद्दा राज्य के वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष पेश करने की बात कही गयी है.
सनद रहे कि जीइइसीएल प्रबंधन ने 15 जनवरी 2020 को 29 सुरक्षा कर्मियों को कार्य से हटा दिया था. इससे पूर्व वर्ष 2014 में 32 सुरक्षा कर्मियों को हटाया था, जिसमें सात की वापसी हुई बाकी को अब तक कार्य पर नहीं रखा गया.
इसके अलावा भी कुछ कर्मियों को कार्य से हटाया है. जिनकी कुल संख्या 60 है. कर्मियों को 21 दिन के वेतन का भुगतान होता है. कर्मी 24 दिन का वेतन और हटाये गए सभी श्रमिकों को वापस काम पर रखने की मांग को लेकर यूनियन के बैनर तले आंदोलन कर रहे है. जिला शासक कार्यालय के समक्ष धरने पर लगातार धरने पर बैठे.
महकमा शासक श्री गांगुली ने सहायक श्रमायुक्त की उपस्थिति में सभी पक्षों को लेकर अपने कार्यालय में बैठक की. श्रमिकों की वापसी को लेकर कुछ प्रस्ताव दिया गया, प्रबंधन ने उसे स्वीकार नहीं किया. प्रबंधन ने श्रमिकों के आंदोलन को देखते हुए अपनी इकाई बंद करने की चेतावनी दे दी.
यह सूचना मुख्यमंत्री तक पहुंचते ही उन्होंने इसे गंभीरता से लिया. 13 फरवरी को दुर्गापुर सृजनी में हुई प्रशासनिक बैठक में इस मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि किसी भी विवाद के कारण इलाके में उद्योग बंद नहीं होना चाहिए. इस विवाद को समाप्त करने का दायित्व मंत्री श्री घटक, जिला शासक श्री सेठी और पुलिस आयुक्त श्री जैन को दिया.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर रविवार मंत्री श्री घटक, जिला शासक श्री सेठी और पुलिस आयुक्त श्री जैन ने यूनियन प्रतिनिधि और प्रबंधन के अधिकारियों को लेकर सर्किट हाउस में बैठक की. दोपहर 12 बजे से दो बजे तक बैठक चली.
सूत्रों के अनुसार प्रबंधन को प्रस्ताव को दिया गया कि कर्मी यदि गलती किये हैं तो दो-तीन महीने की हाजिरी बंद कर दे, उसके बाद उन्हें काम पर वापस रख ले. प्रबंधन अपने फैसले पर अड़ा रहा.
अंत में निर्णय हुआ कि राज्य की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को इस बैठक की जानकारी दी जाएगी. आगे का सुझाव उनसे मांगा जाएगा. यूनियन को हिदायत दी गयी कि वे आंदोलन नहीं करेंगे और हटाया गया कोई भी श्रमिक प्लांट के पास नहीं जाएगा. इस निर्णय से श्रमिक हताश हो गए. बैठक को लेकर भारी संख्या में श्रमिक सर्किट हाउस पहुंचे थे. जिन्हें वहां से हटा दिया गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










