बांस की करची से कलम व स्याही बनाते हैं मास्टरमोसाई
Updated at : 04 Feb 2020 1:40 AM (IST)
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सुंदर हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रीय व जिला स्तर पर हुए पुरस्कृत रायगंज : आज डिजीटल युग में भी बांस की करची से कलम बनाकर अवकासप्राप्त प्रधान शिक्षक देवेंद्रनाथ सिंह ने अपनी एक अलग पहचान बनायी है. वर्तमान समय में उनके हस्ताक्षर का समकक्ष मिलना मुश्किल है. अवकास की इस अवधी में उनका सबसे पसंदिदा साथी […]
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सुंदर हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रीय व जिला स्तर पर हुए पुरस्कृत
रायगंज : आज डिजीटल युग में भी बांस की करची से कलम बनाकर अवकासप्राप्त प्रधान शिक्षक देवेंद्रनाथ सिंह ने अपनी एक अलग पहचान बनायी है. वर्तमान समय में उनके हस्ताक्षर का समकक्ष मिलना मुश्किल है. अवकास की इस अवधी में उनका सबसे पसंदिदा साथी उनके अपने हाथों से बने करची का कलम है. 73 वर्ष की उम्र में भी इलाके के मास्टरमोसाई हर सुबह रूटीन से लिखने बैठते हैं. करची से बना कलम व उनके हाथों की खूबसूरत लिखावट इलाके में अपना दबदबा कायम किये है.
चोपड़ा ब्लॉक के सोनापुर ग्राम पंचायत के लक्खीडांगी प्राइमरी स्कूल के अवकासप्राप्त प्रधान शिक्षक देवेंद्रनाथ सिंह इलाके में कलम वाले मास्टरमोसाई के नाम से परिचित है. इलाके के लोग एक दशक पहले से शादी का कार्ड, आमत्रणपत्र आदि पर मास्टरमोसाई की लिखावट से ही शुभारंभ करवाते रहें हैं. क्लब, संगठन यहां तक की सरकारी कार्यालयों के सर्टिफिकेट या मानपत्र लिखाने के लिए मास्टरमोसाई के पास भीड़ जुटती रहती है.
मास्टरमोसाई का कहना है कि उन्हें इससे खुशी मिलती है. सुंदर हस्ताक्षर के लिए उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण संगठन से प्रसस्तीपत्र मिल चुका है. जिला प्रशासन ने भी प्रसस्तीपत्र देकर उन्हें सम्मानित किया है. वह कलम के साथ हीं स्याही भी खुद ही बनाते हैं. भुने चावल का आंटा, केशरीपत्ता का रस व आग से बने कालीख को मिलाकर वह स्याही बनाते हैं.
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