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साढ़े 11 हजार की आबादी पर हैं सिर्फ सात सफाईकर्मी !

Updated at : 02 Feb 2020 2:31 AM (IST)
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साढ़े 11 हजार की आबादी पर हैं सिर्फ सात सफाईकर्मी !

अधिकांश नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है जामुड़िया : नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या एक में पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी चरम पर है. नंदी, नामुपाड़ा, वाद्यकरपाड़ा, रुईदासपाड़ा, ग्वालापाड़ा, गणेशपाड़ा, बागानपाड़ा एवं बाउरीपाड़ा घरों से निकलने वाला पानी की निकासी व्यवस्था नहीं होने से […]

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अधिकांश नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है

जामुड़िया : नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या एक में पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी चरम पर है. नंदी, नामुपाड़ा, वाद्यकरपाड़ा, रुईदासपाड़ा, ग्वालापाड़ा, गणेशपाड़ा, बागानपाड़ा एवं बाउरीपाड़ा घरों से निकलने वाला पानी की निकासी व्यवस्था नहीं होने से यह सड़कों पर बह रही है.

प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है. वार्ड पार्षद पम्पाचन्द भट्टाचार्य ने स्वीकार किया कि सफाई कर्मियों की कमी के कारण इलाके में स्थिति सही नहीं है. इसके बावजूद सीमित संसाधनों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने का प्रयास किया जाता है. जमीनी हकीकत में उनका यह प्रयास इलाके में नाकाम साबित हो रहा है.

आंखों देखी

वार्ड संख्या एक के बाउरीपाड़ा, वाद्यकरपाड़ा, रुईदासपाड़ा, बागानपाड़ा तथा ग्वालापाड़ा आदि इलाकों में नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़े की भरमार है. कूड़ेदान की कमी के कारण लोग जहां-तहां कचरा फेंक रहे हैं. इलाके में जो भी कूड़ेदान हैं उनकी नियमित सफाई नहीं होने से ओवरफ्लो होकर कचरा बाहर गिरा है. यह कचरा आवारा पशुओं का चारागाह बन गया है. अधिकांश जगहों पर नालियां जाम होकर ओवरफ्लो हो रही हैं.

क्या कहते हैं स्थानीय लोग?

वाद्यकरपाड़ा निवासी अनु वाद्यकर ने कहा कि पानी निकासी की सही व्यवस्था और इलाके में नियमित सफाई करने को लेकर अनेकों बार आवेदन करने के बावजूद भी आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ. थोड़ी सी बारिश होने से ही सड़क का पानी घरों में आ जाता है.

वाद्यकरपाड़ा के निवासी श्रीकांत मल्लिक ने कहा कि लगातार शिकायत करने के बाद नालियों की सफाई 10 दिन में एक बार होती है, लेकिन नालियों का कचरा सफाई कर्मी किनारे ही छोड़कर चले जाते हैं. कचरागाड़ी इसे नहीं ले जाती है, जिससे यह कचरा पुनः नालियों में चला जाता है और नालियां जाम हो जाती हैं.

बाउरीपाड़ा निवासी विकास बाउरी ने कहा कि कूड़ेदान की कमी के कारण लोग खुले में कचरा फेंकने को विवश हैं. नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़े अंबार लग गया है. जिससे पूरे मोहल्ले में गंदगी का माहौल बना है.

बाउरीपाड़ा निवासी सोमनाथ बाउरी एवं मालती बाउरी ने कहा कि मुख्य सड़क पर कचरे की नियमित सफाई होती है. नालियों की सफाई ना होने के कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है. ब्लीचिंग पावडर तथा कीटनाशक का छिड़काव विशेष अवसरों पर किया जाता है.

बाउरीपाड़ा निवासी पुचू बाउरी, मनोज बाउरी ने बताया कि नालियों की सफाई ना होने के कारण नालियां ओवरफ्लो होकर बाहर बहती हैं. फॉगिंग मशीन का उपयोग महीनों पहले एकबार मुख्य सड़क पर किया गया था. कूड़ेदान की कमी के कारण लोग खुले में जहां-तहां कचरा फेंकने को विवश हैं. जिससे पूरे इलाके में गंदगी का माहौल है.

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