वार्ड 29 में लोगों ने नालियों को ही बना दिया है सेफ्टी टैंक
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Jan 2020 2:07 AM
नालियों में तैरता है मल-मूत्र, जिसकी बदबू से इलाके के लोगों का जीना हो गया है दुभर. प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी चरम पर. आसनसोल : नगर निगम के वार्ड संख्या 29 अंतर्गत सफाई व्यवस्था की हालत काफी दयनीय है. नालियों को ही लोगों ने सेफ्टी टैंक बना दिया है. घर के […]
नालियों में तैरता है मल-मूत्र, जिसकी बदबू से इलाके के लोगों का जीना हो गया है दुभर.
प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी चरम पर.
आसनसोल : नगर निगम के वार्ड संख्या 29 अंतर्गत सफाई व्यवस्था की हालत काफी दयनीय है. नालियों को ही लोगों ने सेफ्टी टैंक बना दिया है. घर के शौचालय का मल-मूत्र सीधे नालियों में गिरता है. जिसकी बदबू इलाके में समस्या का कारण बन गयी है.
ब्लिचिंग पावडर, कीटनाशक का छिड़काव नहीं किये जाने से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बनी हुई है. कूड़ेदान की कमी से जगह-जगह कूड़े का ढ़ेर पड़ा है. इलाके में सफाई की स्थिति और सफाई कर्मियों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर पार्षद कविता यादव ने कहा कि उन्हें कोइ जानकारी नहीं है. बोरो के सेनिटेशन इंस्पेक्टर ही सफाई की व्यवस्था और सफाई कर्मी भेजते हैं. उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था सामान्य है. जबकि सच्चाई काफी चिंताजनक है.आंखों देखी.
वार्ड संख्या 29 अंतर्गत धदका रोड, पोस्ट ऑफिस गली, सीताराम गली संलग्ल इलाकों में कई स्थानों पर गंदगी का जमावड़ा है. पर्याप्त कूड़ेदान नहीं होने से नागरिक जहां तहां गंदगी फेंक दे रहे हैं. गंदगी की सड़न से फैल रही बदबू से लोग परेशान हैं. पक्की नालियां नहीं होने और अधिकांश नालियों के क्षतिग्रस्त होने से पानी निकासी व्यवस्था की हालत चरमरा गई है. कई स्थानों पर नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है. घरों में शौचालय नहीं होने से रात को नालियों को ही शौचालय बना देते हैं.
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
धदका रोड काजल बेकरी निवासी बबलू प्रसाद ने कहा कि पर्याप्त कूड़ेदान नहीं होने से लोग घरों का कचड़ा पास के खाली जगह पर फेंकने को बाध्य हैं. जिससे इलाके में कई जगहों पर कूड़े का अंबार लगा रहता है. सफाई कर्मी मनमाने ढ़ंग से सफाई करते हैं. ब्लीचिंग पावडर और कीटनाशक का छिड़काव नहीं होता है.
धधका रोड काजल बेकरी इलाके के निवासी सहदेव कुमार ने कहा कि कूड़ेदान नहीं होने से घरों का कचड़ा खुले में फेंकना पड़ता है. कचरे में आवारा पशुओं के विचरण से यह कचरा पूरे इलाके में फैल जाता है. पार्षद कभी-कभार ही इलाके में आती हैं.
धधका रोड काजल बेकरी इलाके के निवासी सरोज वर्मा ने कहा कि ब्लिचिंग पावडर का छिड़काव कुछ विशेष अवसरों पर किया जाता है. नालियों में गंदगी सड़ती रहती है. कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग मशीन का उपयोग नहीं होने से मच्छरों की भरमार है. इलाके में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है.
धधका रोड काजल बेकरी इलाके के निवासी मदन कुमार ने कहा कि कीटनाशक और ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव नहीं किए जाने से इलाके में संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बनी है. फॉगिंग मशीन का उपयोग नहीं होने से इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. पार्षद इलाके में कभी-कभार ही नजर आती हैं. काजल बेकरी के विपरित नाली में घरों के शौचालय की गंदगी बहा दिये जाने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है. यहां रहने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गंदगी के कारण बीमारी फैलने का डर हमेशा बना हुआ है.
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