ePaper

अब पानी के रास्ते पहुंचेंगे सोनपुर और हाजीपुर, वाटर मेट्रो का दूसरा फेज भी तैयार, 908 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट

Updated at : 07 Mar 2026 5:56 PM (IST)
विज्ञापन
Patna-Water-Metro-Project

पटना वाटर मेट्रो (सांकेतिक फोटो )

Patna Water Metro Project: पटना में जल्द ही वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने की उम्मीद है. गंगा नदी में चलने वाली इस खास बोट सेवा के लिए घाटों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं. करीब 10.5 किलोमीटर लंबे रूट पर चलने वाली यह मेट्रो पटना और आसपास के इलाकों को जोड़ने का नया और सस्ता ऑप्शन देगी.

विज्ञापन

Patna Water Metro Project: पटना के लोगों को आने वाले समय में एक नई और खास ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलने वाली है. गंगा नदी में वाटर मेट्रो चलाने की तैयारी तेजी से की जा रही है. इसके लिए घाटों पर जरूरी ढांचा तैयार किया जा रहा है, ताकि बोट को चार्ज करने और चलाने में कोई दिक्कत न हो.

सबसे पहले पटना के गांधी घाट पर वाटर मेट्रो के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. इसके बाद कंगन घाट और दीघा घाट पर भी ऐसे चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे. इन चार्जिंग प्वाइंट की मदद से वाटर मेट्रो के इंजन को जरूरत पड़ने पर चार्ज किया जा सकेगा.

रूट के बारे में जानिए

पटना वाटर मेट्रो का पहला रूट करीब 10.5 किलोमीटर लंबा होगा. यह सेवा कंगन घाट से शुरू होकर गायघाट, गांधी घाट और दीघा घाट होते हुए आगे कई घाटों तक जाएगी. इस रूट में फरक्का महतो घाट, नारियल घाट, पानापुर, कोंहरा घाट, काली घाट और छेछर घाट जैसे स्थान भी शामिल होंगे. इससे पटना के साथ-साथ आसपास के इलाकों के लोगों को भी फायदा मिलेगा.

बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अनुसार भविष्य में इस परियोजना को और बड़ा किया जाएगा. योजना है कि आगे चलकर 10 टर्मिनल और चार अलग-अलग रूट तैयार किए जाएं. इससे पटना के साथ वैशाली और छपरा जैसे जिलों से भी बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

इस प्रोजेक्ट के बारे में जानिये

वाटर मेट्रो के लिए जिस बोट का इस्तेमाल किया जाएगा उसका नाम एमवी-गोमधर कुंवर रखा गया है. इस बोट की कीमत 12 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. पूरे वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट पर करीब 908 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह प्रोजेक्ट इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बिहार सरकार मिलकर चला रहे हैं. तकनीकी सहयोग कोचीन शिपयार्ड के इंजीनियर दे रहे हैं.

पर्यटकों और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन बोटों को आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है. ये बोट इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मोड पर चलेंगी. हर बोट में एसी, बड़ी कांच की खिड़कियां, सीसीटीवी कैमरे और ऑटोमेटिक लोकेशन सिस्टम लगाया जाएगा. एमरजेंसी सिचुएशन के लिए रेस्क्यू बोट भी तैनात रहेंगी.

इसे भी पढ़ें: बिहार के 17 जिलों में अगले 48 घंटे में बारिश और वज्रपात की चेतावनी, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

बिहार में डेढ़ करोड़ लोगों का राशन संकट में, 31 मार्च तक ई-केवाईसी नहीं कराने पर कटेगा नाम

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन