कोल इंडिया से अलग होगी सीएमपीडीआई
Updated at : 25 Jul 2019 2:01 AM (IST)
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बदलाव : बीएसएनएल की तर्ज पर कोल इंडिया में केंद्र सरकार करेगी फेरबदल स्वतंत्र कंपनी बनाने के लिए टाइम लाइन तय, अन्य निर्णय शीघ्र सौ मिलियन टन उत्पादन करनेवाली कंपनियां सीआइएल से अलग आसनसोल : केंद्र सरकार ने कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी सेंट्रल माइंस प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीच्यूट (सीएमपीडीआई) को डीमर्ज कर स्वतंत्र कंपनी […]
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बदलाव : बीएसएनएल की तर्ज पर कोल इंडिया में केंद्र सरकार करेगी फेरबदल
स्वतंत्र कंपनी बनाने के लिए टाइम लाइन तय, अन्य निर्णय शीघ्र
सौ मिलियन टन उत्पादन करनेवाली कंपनियां सीआइएल से अलग
आसनसोल : केंद्र सरकार ने कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी सेंट्रल माइंस प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीच्यूट (सीएमपीडीआई) को डीमर्ज कर स्वतंत्र कंपनी बनाने के लिए टाइम लाइन तय कर दिया है. इस संबंध में कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव बीपी पति ने कोल इंडिया चेयरमैन को पत्र भेजा है.इधर यूनियन नेताओं ने सरकार के इस निर्णय को राष्ट्रविरोधी बताते हुए आ दोलन की चेतावनी दी है.
डीमर्जर से होनेवाले लाभ: उपलब्ध दस्तावेज के मुताबिक सीएमपीडीआइएल को डीमर्ज (अलग) कर कोयला मंत्रालय के अंतर्गत करते हुए एक पेशेवर, कुशल और स्वतंत्र कंपनी बनाना है. प्रस्तावित कंपनी अन्वेषण एवं ड्रीलिंग को प्राथमिकता दे सकती है. स्वतंत्र पहचान होने से कोल इंडिया की कोयला उत्पादन करनेवाली अन्य कंपनियों के साथ पारदर्शी संबंध बनेगा. इससे देश और वैश्विक स्तर पर सीएमपीडीआइएल बतौर खनन सलाहकार एक प्रमुख संगठन बन सकता है.
बदलेगा कोल इंडिया का स्वरूप भी: अगर सरकार सीएमपीडीआइएल के डीमर्जर में सफल रही तो कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) का स्वरूप बदल जायेगा. सरकार अगले चरण में 100 मिलियन टन से अधिक कोयला उत्पादन करनेवाली एनसीएल, एमसीएल और एसइसीएल को कोल इंडिया से अलग कर स्वतंत्र कंपनी बनायेगी.
कोल इंडिया में बीसीसीएल, इसीएल, सीसीएल और डब्ल्यूसीएल ही रह जायेंगी. इनके लिए एक सीएमडी, एक कार्मिक निदेशक और एक तकनीकी निदेशक होंगे. इस पर ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) के महासचिव डीडी रामानंदन ने कहा कि सीएमपीडीआईएल एक प्रयोग है. इसकी सफलता-असफलता पर कोल इंडिया और इशके मजदूरों का भविष्य टिका है.
27 को है मानकीकरण कमेटी की बैठक: एटक नेता आरसी सिंह के अनुसार इस मुद्दे पर आगामी 27 जुलाई को रांची में एटक, सीटू तथा एचएमएस की संयुक्त बैठक होगी. जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की जायेगी.
टाइमलाइन: दस्तावेजों के अनुसार टाइम लाइन तो है पर डेट लाइन नहीं है. एक सप्ताह में कोयला मंत्री डीमर्जर की अनुमति देंगे. एक सप्ताह में सलाहकार की नियुक्ति होगी. एक महीने में फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी. वित्त मंत्रालय, नीति आयोग, निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंध विभाग के परामर्श से कैबिनेट के लिओए ड्रॉफ्ट तौयार होगा.
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