राज्य की पांच संसदीय सीटों के चुनाव में तृणमूल को ही मिली है जीत

Updated at : 21 Apr 2019 2:15 AM (IST)
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राज्य की पांच संसदीय सीटों के चुनाव में तृणमूल को ही मिली है जीत

मंत्री अरूप विश्वास ने किया दावा- राज्य में रिजल्ट होगा 42-00 जनता ने ठाना- बंगाल के नेतृत्व में गठित होगी दिल्ली की सरकार पूरे राज्य में हिंदीभाषी मतदाताओं का ध्रुवीकरण है पार्टी के पक्ष में आसनसोल संसदीय क्षेत्र से भाजपा की होगी करारी हार, जीतेगी तृणमूल आसनसोल : राज्य के लोक निर्माण विभाग, क्रीड़ा व […]

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मंत्री अरूप विश्वास ने किया दावा- राज्य में रिजल्ट होगा 42-00

जनता ने ठाना- बंगाल के नेतृत्व में गठित होगी दिल्ली की सरकार
पूरे राज्य में हिंदीभाषी मतदाताओं का ध्रुवीकरण है पार्टी के पक्ष में
आसनसोल संसदीय क्षेत्र से भाजपा की होगी करारी हार, जीतेगी तृणमूल
आसनसोल : राज्य के लोक निर्माण विभाग, क्रीड़ा व युवा कल्याण मंत्री सह पश्चिम बंगाल जिले के पार्टी पर्यवेक्षक अरूप विश्वास ने कहा कि राज्य में हुए पांच संसदीय क्षेत्र के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को सभी सीटों पर जीत मिलेगी और दिल्ली में पश्चिम बंगाल के नेतृत्व में सरकार गठित होगी. शनिवार को विशेष भेंट में उन्होंने दावा किया कि आसनसोल संसदीय क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी मुनमुन सेन दो लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज कर नया इतिहास रचेगी. प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत-
प्रश्न : जनता तृणमूल के पक्ष में मतदान क्यों करें?
जवाब. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में विकास की नया इतिहास रचा है. आम जनता तो दूर विपक्षी पार्टियां भी स्वीकार करती है कि राज्य में विकास दिख रहा है. राज्य सरकार ने सबुज श्री से लेकर कन्या श्री तक तथा रूपश्री से लेकर मानविक तक कुल 48 कल्याणकारी योजनाएं शुरू की है. इससे समाज का हर तबका लाभान्वित हो रहा है. उनकी बुनियादी समस्यआं का समाधान हो रहा है. साढ़े सात सालों में सरकार ने जितना विकास किया है, उतना विकास करने में वाममोर्चा, कांग्रेस तथा भाजपा को सैकड़ों वर्ष लग जायेंगे. आसनसोल में मुख्यमंत्री ने नया जिला, जिला कोर्ट, सीबीआई स्पेशल कोर्ट, आईटी हब, पुलिस कमीश्नरेट, काजी नजरूल यूनिवर्सिटी आदि दिया है. जिला अस्पताल के साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विकसित किया गया है.
प्रश्न: वर्ष 2014 में हिंदीभाषी मतदाता पूरी तरह से भाजपा के साथ थे. इस समय उनका ध्रुवीकरण तृणमूल के पक्ष में दिख रहा है, क्यों?
जवाब: राज्य सरकार ने पूरे राज्य में हिंदी माध्यम के छात्र-छात्राओं के लिए हावड़ा में हिंदी यूनिवर्सिटी की स्थापना की है. इसकी शाखाएं आसनसोल तथा सिलिगुड़ी में होंगी. आसनसोल सहित नॉर्थ बंगाल में कई हिंदी माध्यम कॉलेज खोले गये हैं. राज्य में उच्च माध्यमिक की परीक्षा में हिंदी में प्रश्न पत्र दिये गये हैं. हिंदीभाषियों की संस्कृति की दिशा में हिंदी अकादमी की स्थापना की गई है तथा आस्था के महापर्व छठ में दो दिवसीय छुट्टी की घोषणा की गई है. हिंदी को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया गया है. हिंदी माध्यम के प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक के सभी स्कूलों की न सिर्फ संख्या बढ़ायी गई है बल्कि उन्हें प्रोन्नत भी किया गया है. इन सुविधाओं के कारण हिंदीभाषियों को लग रहा है कि तृणमूल उनकी अपनी पार्टी है, जो सभी के विकास और सौहार्द में विश्वास रखती है. इस बार पूरे राज्य में हिंदीभाषियों का मत पार्टी प्रत्याशियों को मिलेगा.
प्रश्न: आसनसोल शहरी क्षेत्र में क्या अपेक्षा है?
जवाब: आसनसोल में हिंदीभाषी जितेन्द्र तिवारी को मेयर बनाया गया है. अपनी दक्षता तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशन में उन्होंने काफी बेहतर प्रदर्शन किया है. अपने सभी पार्षदों को साथ लेकर उन्होंने शहरी इलाकों की तस्वीर बदल दी है. आसनसोल राज्य के विकासशील शहरों में अग्रणी है. आजादी के बाद इतना विकास पहली बार इस शहर का हुआ है. जल समस्या पूरी तरह समाप्त है. सड़कें चकाचक तथा स्ट्रीट लाइट से भरपूर हैं. सांस्कृतिक आयाम से लेकर नागरिक समस्याओं के समाधान तक हर क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन हुआ है. नागरिक सुविधाओं को लेकर नागरिकों के आंदोलन अतीत बन चुके हैं. इन सुविधाओं के कारण चुनाव में पार्टी की स्थिति पूरी तरह से मजबूत है और इसका परिणाम दिखेगा.
प्रश्न : निवर्त्तमान सांसद बाबुल सुप्रियो अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. आपकी टिप्पणी?
जवाब: इस बार आसनसोल संसदीय क्षेत्र से तृणमूल प्रत्याशी मुनमुन सेन को दो लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत मिलेगी.
इस कारण श्री सुपियो खुद हैं. पिछले पांच सालों में उनका आम जनता के साथ कोई संबंध नहीं रहा. अपनी कमी छिपाने के लिए उन्होंने कभी-कभी आसनसोल का दौरा किया तथा कोई न कोई विवाद कर चर्चा में रहने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया था कि वे विकास के लिए आसनसोल तथा दिल्ली के बीच पुल बनेंगे लेकिन वे आसनसोल क्षेत्र के लिए विनाश बन गये. उन्होंने किसी भी नागरिक सुविधाओं का समाधान नहीं किया. जनता समाधान की अपील करती रही और वे गाना सुनाते रहे. भारी उद्योग मंत्रालय में मंत्री रहते हुए भी उसके अधीनस्थ हिंदुस्तान केबल्स लिमिटेड (एचसीएल) तथा बर्न स्टैंडर्ड कारखाने बंद हो गये. 20 से अधिक भूमिगत कोलियरियां बंद हो गई. 20 हजार से अधिक श्रमिकों तथा कर्मियों की नौकरी चली गई. केंद्र से एक भी नया उद्योग नहीं ला सके. उल्टे सेल की एएसपी के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उन्हें लग रहा है कि उनकी हार तय है. इस कारण वे अधिक उत्तेजित रह रहे हैं. तृणमूल तथा आम मतदाताओं के साथ मारपीट कर रहे हैं. सवाल पूछनेवाले मतदाताओं से दुर्व्यवहार कर रहे हैं. उनकी गतिविधियां बताती है कि वे चुनावी हार स्पष्ट देख रहे हैं.
प्रश्न: पूरे राज्य में तृणमूल की क्या स्थिति होगी?
जवाब: राज्य की सभी संसदीय सीटों पर तृणमूल की जीत होगी. तृणमूल और विपक्षियों के बीच अंतर 42-0 का होगा. राज्य की सबसे प्रसिद्ध मिठाई रसगुल्ला है तथा भाजपा को राज्य की जनता वहीं उपहार में देगी. उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में विभाजन की राजनीति कर रही है. वे मोदी हिन्दूत्व की बात कर रहे हैं, जबकि राज्य की जनता रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेदानंद के हिंदूत्व से जुड़े हैं, जो सभी धर्मों के बीच प्यार सिखाता है. राज्य की जनता सांप्रदायिक शक्तियों के पक्ष में कभी नहीं रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा तथा वाममोर्चा नेतृत्व की परेशानी बता रही है कि वर्ष 2019 में भाजपा फिनिश हो जायेगी.
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