दुर्गापुर : बंगाल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने तकनीक के क्षेत्र में लहराया परचम, एंटीरैगिंग वोटिंग मशीन बना चर्चा में आये छात्र

Updated at : 26 Jan 2019 7:10 AM (IST)
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दुर्गापुर :  बंगाल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने तकनीक के क्षेत्र में लहराया परचम, एंटीरैगिंग वोटिंग मशीन बना चर्चा में आये छात्र

दुर्गापुर : बंगाल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एक बार फिर अपने छात्रों द्वारा विकसित किये गये प्रोजेक्ट के कारण शैक्षणिक क्षेत्र में चर्चा में है. छात्र दीप नारायण नंदी, चंदन गोप, प्रशिक्षक समीर बसाक ने एंटीरैगिंग वोटिंग मशीन प्रोजेक्ट की शुरुआत की. इसके लिए छात्रों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, इंजीनियरिंग काउंसिल ऑफ़ इंडिया और […]

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दुर्गापुर : बंगाल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एक बार फिर अपने छात्रों द्वारा विकसित किये गये प्रोजेक्ट के कारण शैक्षणिक क्षेत्र में चर्चा में है. छात्र दीप नारायण नंदी, चंदन गोप, प्रशिक्षक समीर बसाक ने एंटीरैगिंग वोटिंग मशीन

प्रोजेक्ट की शुरुआत की. इसके लिए छात्रों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, इंजीनियरिंग काउंसिल ऑफ़ इंडिया और आईएसटीआई द्वारा राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी परियोजना प्रतियोगिता मे छात्र विश्वकर्मा अवार्ड 2018 में प्रौद्योगिकियों के माध्यम से गांवों का सशक्तिकरण विषय के तहत द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया.
एआईसीटीई के अद्यक्ष ने छात्रों को पुरस्कृत किया. राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उपराष्ट्रपति ने 20 जनवरी को किया था. एआईसीटीई और ईसीआई के अध्यक्ष और जूरी सदस्यों के साथ-साथ कार्यक्रम के दिन उपस्थित व्यक्तियों और आगंतुकों द्वारा बहुत सराहना की गई.
गौरतलब है की परिषद को पूरे भारत से 1667 नामांकन प्राप्त हुए. लघु सूचीबद्ध नामांकन में से, 816 परियोजनाओं को क्षेत्रीय सम्मेलन के लिए चुना गया और 115 परियोजनाओं को राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए बुलाया गया. पूर्वी क्षेत्र में 75 परियोजनाओं को नवंबर 18 में भागीदारी के लिए चुना गया था.
एंटी रैगिंग वोटिंग मशीन सहित राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए आठ परियोजनाएँ भेजी गईं. यह परियोजना किसी भी प्रकार के झूठे / नकली / अतिरिक्त वोट को रोक देगी, कागजी काम को समाप्त कर देगी, कम समय का उपभोग करेगी और पीठासीन अधिकारी पर सभी प्रकार के मानसिक या शारीरिक दबाव को भी
समाप्त करेगी. किसी भी व्यक्ति के झूठे / नकली वोट डालने की कोशिश करने पर ईपीआईसी कार्ड मशीन द्वारा बंद कर दिया जाएगा, और उसे अदालत में जुर्माना देने के बाद ईपीआईसी कार्ड वापस मिल जायेगा.
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