राणा बनर्जी हत्याकांड में कस्टडी ट्रायल, 10 को चार्ज फ्रेम, जिला कोर्ट के सेशन जज ने किया निर्णय
Updated at : 04 Jan 2019 6:47 AM (IST)
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आसनसोल : हीरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाघन्टी इलाके के निवासी तथा केटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी हत्याकांड में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए आसनसोल जिला अदालत के सेशन जज ने कस्टडी ट्रायल के लिए 10 जनवरी को चार्ज फ्रेम का दिन निर्धारित किया. पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर आरोपियों को कॉपी सर्व हो गया […]
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आसनसोल : हीरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाघन्टी इलाके के निवासी तथा केटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी हत्याकांड में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए आसनसोल जिला अदालत के सेशन जज ने कस्टडी ट्रायल के लिए 10 जनवरी को चार्ज फ्रेम का दिन निर्धारित किया. पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर आरोपियों को कॉपी सर्व हो गया है और कमीटमेंट की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है.
चार्ज फ्रेम होते ही ट्रायल आरम्भ हो जायेगा. मामले में थाना प्रभारी सहित कुल 30 गवाह है. सभी गवाहों को अदालत में गवाही देने के लिए सम्मन जारी होगा. गवाही और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा मिल सकती है या वे बरी हो सकते है. कांड में जो भी साक्ष्य पुलिस ने जमा किया है उसके आधार पर पुलिस आरोपियों का सजा होना तय मान रही है.
सनद रहे कि 16 सितंबर, 2017 को केटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी की हत्या हुयी थी. शिकायत के आधार पर हीरापुर थाना कांड संख्या 346/2017 दर्ज हुआ. पुलिस ने मामले में पांच लोगों पिता-पुत्र मिल्टन सेन, सागर सेन, अजय हाड़ी, सुभाष मंडल तथा बबलू माजी को गिरफ्तार किया. जांच पूरी कर पुलिस ने तीन माह के अंदर ही सप्लीमेंट्री चार्जशीट जमा कर दी.
चार्ज शीट में पुलिस ने सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया है. इन पांच के अलावा कृष्णेन्दू मुखर्जी और रीतेन बसाक उर्फ फूफा शामिल हैं. इनकी गिरफ्तारी न होने के कारण फाइनल चार्जशीट जमा नहीं किया गया है. मामले में कस्टडी ट्रायल के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी.
जिसमे पुलिस को सफलता मिल गयी. गुरुवार को मामले में सुनवाई करते हुए सेशन जज ने 10 जनवरी को चार्ज फ्रेम का दिन निर्धारण किया. अतिरिक्त जिला जज (इलेक्ट्रिसिटी एक्ट) मामले में चार्ज फ्रेम करेंगे. पुलिस के पास मामले के चश्मदीद गवाह राणा बनर्जी के चचेरे भाई मिथुन बनर्जी के साथ कुल तीस गवाह है.
जिसमें मिथुन ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है. इस बयान के साथ ही र्म्स एक्सपर्ट, फोरेंसिक एक्सपर्ट और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट का बयान मामले की प्रमुख कड़ी है. इन गवाहों के आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि तीन माह के अंदर ही कस्टडी ट्रायल का परिणाम उनके पक्ष में होगा.
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