Amit Shah : अमित शाह ने कहा, बीजेपी ने असम में घुसपैठ रोकी, 30 पार करने के बाद बंगाल में 'परिंदा' नहीं घुस पाएगा
Published by : Shinki Singh Updated At : 10 Apr 2024 4:14 PM
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
Amit Shah : ममता दीदी, आप तो महिला मुख्यमंत्री हैं, फिर भी संदेशखाली जैसी शर्मनाक घटना पर आप राजनीति कर रही हैं. वर्षों तक, आपकी नाक के नीचे अत्याचार होता रहा और आपने कुछ नहीं किया.
Amit Shah : पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के लिये प्रचार करने आये केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा, 2014 में दो सीटें और 2019 में 18 सीटें दीं. 2024 में इसे 18 से बढ़ाकर 30 किया जाना चाहिए. ताकि बीजेपी की 370 सीटें पक्की हो जाएं. शाह ने कहा कि केवल भाजपा ही राज्य में घुसपैठ रोक सकती है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर संशोधित नागरिकता अधिनियम पर लोगों को गुमराह करने और ‘वोट बैंक’ की राजनीति के लिए घुसपैठियों की मदद करने का आरोप लगाया और इस बात पर जोर दिया कि शरणार्थियों को बिना किसी शंका के नागरिकता के लिए आवेदन करना चाहिए. उन्होंने कहा “ममता दीदी नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बारे में लोगों को गुमराह कर रही हैं. वह शरणार्थियों के नागरिकता प्राप्त करने के खिलाफ क्यों हैं?
ममता दीदी एनआईए के खिलाफ मामला दर्ज कर बचाना चाहती हैं आरोपियों को
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “2022 में भूपतिनगर में एक बम धमाका हुआ था, जिसमें 3 लोग मारे गए थे। मुझे एक बात बताएं कि बम धमाका करने वालों को मजबूती से जेल की सलाखों के पीछे डालना चाहिए या नहीं? हाईकोर्ट ने इसकी जांच एनआईए को सौंपी और ममता दीदी एनआईए के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों को बचाना चाहती हैं. पूरा देश विकास की राह पर आगे बढ़ गया है लेकिन हमारा बंगाल पिछड़ गया है.
संदेशखाली घटना के आरोपियों के साथ हैं सीएम : अमित शाह
संदेशखाली पर उन्होंने कहा, ”ममता दीदी, आप एक महिला मुख्यमंत्री हैं. आप संदेशखाली जैसी शर्मनाक घटना पर भी राजनीति कर रही हैं. सालों तक आपकी नाक के नीचे महिलाओं पर अत्याचार होता रहा और तृणमूल कांग्रेस के गुंडे अत्याचार करते रहे.जब ईडी आरोपियों को गिरफ्तार करने गई तो ईडी पर पथराव हुआ. बंगाल की महिलाएं देख रही हैं कि आप संदेशखाली घटना के आरोपियों के साथ हैं.
शरणार्थियों को नागरिकता देना हमारी प्रतिबद्धता : अमित शाह
अमित शाह का कहना है कि मैं शरणार्थियों से अनुरोध करता हूं कि वे डरें नहीं, कृपया नागरिकता के लिए आवेदन करें, कोई समस्या नहीं होगी. उनके खिलाफ पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा. शरणार्थियों को नागरिकता देना हमारी प्रतिबद्धता है.केंद्र ने पिछले महीने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 लागू किया था. इसमें 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को तेजी से भारतीय नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है.
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By Shinki Singh
10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.
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