एक निजी अस्पताल पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना

Updated at : 26 Jul 2024 1:48 AM (IST)
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एक निजी अस्पताल पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना

महानगर के अलीपुर स्थित एक निजी अस्पताल पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

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संवाददाता, कोलकाता

महानगर के अलीपुर स्थित एक निजी अस्पताल पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. वेस्ट बंगाल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन ने अस्पताल पर जुर्माना लगाया है. इस मामले में कमीशन के चेयरमैन एवं पूर्व जस्टिस असीम कुमार बनर्जी ने बताया कि अलीपुर के बीपी पोद्दार अस्पताल पर यह जुर्माना लगाया गया है.

बताया कि यहां हार्ट की बायपास सर्जरी के लिए अजय कुमार विश्वास को भर्ती कराया गया था. हार्ट में कई सारे ब्लॉकेज थे. स्वास्थ्य साथी कार्ड पर मरीज की सर्जरी हुई थी. सर्जरी के बाद फिर अजय की तबीयत खराब हो गयी है. हार्ट सर्जरी में गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है. अब स्वास्थ्य कार्ड पर मरीज की सर्जरी नहीं हो सकती थी, क्योंकि कार्ड की राशि खत्म हो गयी थी. इस बार की सर्जरी के लिए मरीज के परिजनों को ढाई लाख का खर्च बताया गया, पर खर्च वहन ना कर पाने के कारण मरीज की दूसरे किसी अस्पताल में कम खर्च पर सर्जरी करायी गयी. मरीज एक निजी विज्ञापन एजेंसी में कार्य करता था. बार-बार सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती होने के कारण मरीज की नौकरी भी चली गयी है. अब वह अपीन पत्नी की गहनों को बंधक रख कर परिवार का भर-पोषण कर रहा है. अभी वह पूरी तरह से स्वस्थ भी नहीं हो सका है. ऐसे में परिवार की ओर से आयोग में अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी थी. श्री बनर्जी ने बताया कि मामला चिकित्सकीय लापरवाही का है. मरीज के इलाज में लापरवाही के कारण उसे दोबारा सर्जरी करानी पड़ी है. मरीज की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अस्पताल पर ढाई लाख का जुर्माना लगाया गया है.

दूसरी ओर एक अन्य मामले में आयोग ने सीएमआरआइ अस्पताल को ओवर बिलिंग के मामले में 80 हजार रुपये लौटाने का निर्देश दिया है. सिर में चोट लगी एक मरीज को सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था. उसे निजी स्वास्थ्य बीमा पर भर्ती कराया गया था. उसे दो लाख 86 हजार का बिल सौंपा गया था. सर्जरी पर एक लाख 18 हजार खर्च दिखाया गया था. इसके अलावा अलग से प्लास्टिक सर्जरी के लिए भी खर्च दिखाया गया था. उधर, बीमा कंपनी ने मात्र 36 हजार ही अप्रूव किया था. ऐसे में जांच में ओवर बिलिंग का मामला सही साबित हुआ है. इस वजह से अस्पताल को 80 हजार रुपये लौटाने का निर्देश दिया गया है.

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