इंटर्न के यौन उत्पीड़न के खिलाफ बनेगी नीति

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कोलकाता: इंटर्नशिप के दौरान यौन उत्पीड़न के बारे में अपनी दो पूर्व छात्रओं की शिकायतों के मद्देनजर वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जूरिडीशल साइंसेज (डब्ल्यूबीएनयूजेएस) ऐसे मामलों से निबटने के लिए एक नीति को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है. डब्ल्यूबीएनयूजेएस की प्रवक्ता रुचिरा गोस्वामी ने बताया कि इंटर्न के यौन उत्पीड़न के खिलाफ […]

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कोलकाता: इंटर्नशिप के दौरान यौन उत्पीड़न के बारे में अपनी दो पूर्व छात्रओं की शिकायतों के मद्देनजर वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जूरिडीशल साइंसेज (डब्ल्यूबीएनयूजेएस) ऐसे मामलों से निबटने के लिए एक नीति को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है.

डब्ल्यूबीएनयूजेएस की प्रवक्ता रुचिरा गोस्वामी ने बताया कि इंटर्न के यौन उत्पीड़न के खिलाफ नीति एक महीने के दौरान तैयार हो जायेगी. श्रीमती गोस्वामी ने कहा कि इस नीति के तहत कोई शिकायत मिलने तक किसी भी छात्र की ओर से कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ कार्रवाई के लिए हमारे पास औपचारिक प्रक्रिया होगी, चाहे छात्र को हमारी ओर से इंटर्नशिप के लिए भेजा गया हो अथवा छात्र खुद काम कर रही हो. जब तक वह हमारी छात्र हैं, हम पर उनकी जिम्मेदारी है. विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि विधि छात्रओं को ऐसे मामलों से निबटने के लिए संवेदनशील बनाया जायेगा और पीड़ित होने की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा.

अधिकारियों ने कहा कि छात्र अपने इंटर्नशिप को लेकर काफी असुरक्षित रहते हैं, क्योंकि वे कानूनी बिरादरी में सीनियरों द्वारा उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत से डरते हैं. इसी कारण हम दिशा-निर्देश और नियम बना रहे हैं, जिससे इंटर्नशिप के दौरान यौन उत्पीड़न से किस तरह निबटा जाये. पिछले साल पास कानून की एक इंटर्न ने आरोप लगाया था कि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके गांगुली ने उसका यौन उत्पीड़न किया. पहली शिकायत के कुछ समय बाद एक और पूर्व छात्र ने भी शीर्ष न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ इसी तरह का आरोप लगाया.

श्रीमती गोस्वामी ने कहा कि ऐसा लगता है कि पहले इंटर्न के रुख से उसे साहस मिला, लेकिन जब वह विश्वविद्यालय की छात्राएं थीं, उस दौरान दोनों में से किसी ने भी हमारे समक्ष शिकायत दर्ज नहीं करायी, जिसके कारण हम कोई कदम नहीं उठा सके. विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए प्रत्येक छात्र छह सप्ताह के आवश्यक समर इंटर्नशिप पर लीगल फर्म, न्यायाधीश, मीडिया हाउस आदि जगह जाते हैं. पाठ्यक्रम के चौथे और पांचवें वर्ष में सर्दी के मौसम के दौरान तीन-चार सप्ताह के लिए छात्र खुद से तय इंटर्नशिप पर जाते हैं. पिछले कुछ दिनों के दौरान एनयूजेएस परिसर के भीतर यौन उत्पीड़न का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. विश्वविद्यालय में भी एक कर्मचारी ने सहायक रजिस्ट्रार सिद्धार्त गुहा के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करायी, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

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