आलू बाहर भेजने पर नरम पड़ी सरकार
कोलकाता: आलू को लेकर मचे कोहराम पर राज्य सरकार अब नरम पड़ने लगी है. आलू के अन्य राज्यों में भेजे जाने को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आलू की आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया. साथ ही यह भी […]
कोलकाता: आलू को लेकर मचे कोहराम पर राज्य सरकार अब नरम पड़ने लगी है. आलू के अन्य राज्यों में भेजे जाने को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आलू की आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया. साथ ही यह भी कहा कि राज्य की मांग से अधिक आलू को अन्य राज्यों में भी भेजा जा सकता है.
हालांकि मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि कब से आलू अन्य राज्यों में भेजा जा सकेगा. इसके साथ ही राज्य के सभी कोल्ड स्टोरेज के आलू को सरकार ने 30 नवंबर तक निकालने का निर्देश दिया था. इस समय सीमा को बढ़ा कर 15 दिसंबर कर दिया गया है. अब 15 दिसंबर तक पुराने आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखा जा सकेगा.
मध्य दिसंबर से नया आलू कोल्ड स्टोरेज में रखना शुरू कर दिया जायेगा. इसके साथ ही आलू की सही प्रकार से आपूर्ति व उसकी कीमत को नियंत्रित रखने के लिए राज्य सरकार ने विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है. इस संबंध में फोरम फॉर ट्रेडर्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ वेस्ट बंगाल के महासचिव रवींद्र नाथ कोले ने बताया कि सोमवार की हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने आलू की आपूर्ति के प्रति संतुष्टि व्यक्त करते हुए इसके निर्यात को मंजूरी देने की बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भी नहीं चाहती हैं कि आलू नष्ट हो. लेकिन सबसे पहले राज्य की मांग को पूरा किया जायेगा, उसके बाद अन्य राज्यों में किसी भी उत्पाद की आपूर्ति की जायेगी.
आठवीं से दी जायेगी वोकेशनल ट्रेनिंग
राज्य सरकार ने माध्यमिक के पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए कक्षा आठ से ही वोकेशनल ट्रेनिंग शुरू करने का फैसला किया है. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने युनीसेफ द्वारा आयुक्त पश्चिम बंगाल में शिक्षा के अधिकार पर आयोजित कार्यक्रम में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य के छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में सक्षम बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है. कक्षा आठ के बाद से ही छात्रों को साइंस, आर्ट एंड फैशन व अन्य क्षेत्रों में काउंसेलिंग की जायेगी. उनकी इच्छा के अनुसार ही उन्हें अपना फिल्ड चुनने का अवसर दिया जायेगा.
मौके पर राज्य सरकार की ओर से बंगाल के तीन जिलों में से जिनमें सिलीगुड़ी, हुगली और बर्दवान के छात्रों को जामिनी रॉय पुरस्कार दिया गया. अन्य जिलों से चुने गये छात्रों को 25 हजार रुपये और शिशु मित्र पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. मौके पर पश्चिम बंगाल के शिक्षा विभाग के सचिव अर्नव रॉय, प्राथमिक शिक्षा विभाग की सचिव के मानिक भट्टाचार्य व अन्य मौजूद रहे.
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