अब केएलओ पर मुख्यमंत्री का ध्यान
कोलकाता: गोरखा जनमुक्ति मोरचा द्वारा गोरखालैंड के लिए अपना आंदोलन वापस लिये जाने के बाद दाजिर्लिंग में शांति लौटने लगी है. ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब आसपास के मैदानी इलाकों के एक उग्रवादी संगठन की ओर ध्यान लगाया है. पहाड़ पर लौटी शांतिउत्तर बंगाल में कामतापुर लिबरेशन आर्गेनाइजेशन का जिक्र करते हुए सुश्री […]
कोलकाता: गोरखा जनमुक्ति मोरचा द्वारा गोरखालैंड के लिए अपना आंदोलन वापस लिये जाने के बाद दाजिर्लिंग में शांति लौटने लगी है. ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब आसपास के मैदानी इलाकों के एक उग्रवादी संगठन की ओर ध्यान लगाया है.
पहाड़ पर लौटी शांति
उत्तर बंगाल में कामतापुर लिबरेशन आर्गेनाइजेशन का जिक्र करते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि आंदोलनों के नाम पर हिंसा जनता को रास नहीं आती. उन्होंने सिलिगुड़ी में एक सरकारी कार्यक्रम में कहा कि दाजिर्लिंग में शांति लौट आयी है.
आप इसके लिए खुश होंगे. ममता ने इस कार्यक्रम में गरीबों को भूमि के पट्टे वितरित किये. उन्होंने इस मौके पर कहा कि डुआर्स और तराई क्षेत्र (जलपाईगुड़ी जिले में) और पहाड़ों व मैदानों में भी शांति आने दीजिए. उन्होंने केएलओ का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी जनता के लिए कई आंदोलन किये हैं, लेकिन जनता ऐसे किसी आंदोलन का समर्थन नहीं करती, जिससे खूनखराबा हो.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी ताकतें हैं, जो दाजिर्लिंग, डुआर्स व तराई में गड़बड़ी फैलाना चाहती हैं. केएलओ की स्थापना 1990 में हुई थी. इसकी स्थापना का उद्देश्य पश्चिम बंगाल और असम के कुछ हिस्सों को मिलाकर कामतापुर राज्य की स्थापना करना है. मुख्यमंत्री ने दाजिर्लिंग में शांति लौटने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि दाजिर्लिंग मुस्कुरा रहा है. दाजिर्लिंग की समस्या सुलझ गयी है.
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