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नेताजी सुभाषचंद्र बोस के परिजनों का दावा, खुफिया एजेंसियां करती हैं उनकी जासूसी

Updated at : 22 Jan 2015 7:20 PM (IST)
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नेताजी सुभाषचंद्र बोस के परिजनों का दावा, खुफिया एजेंसियां करती हैं उनकी जासूसी

कोलकाता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जंयती के एक दिन पूर्व नेताजी के वंशजों ने चिंता जतायी कि केंद्र सरकार की ओर से उन लोगों पर निगरानी की जा रही है तथा उन लोगों की जासूसी हो रही है. इसके साथ ही उन लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि यदि वह […]

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कोलकाता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जंयती के एक दिन पूर्व नेताजी के वंशजों ने चिंता जतायी कि केंद्र सरकार की ओर से उन लोगों पर निगरानी की जा रही है तथा उन लोगों की जासूसी हो रही है. इसके साथ ही उन लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि यदि वह राष्ट्रवादी नेता हैं, तो नेताजी से संबंधित गुप्त फाइलों को सार्वजनिक करें और नेताजी के लापता होने के सही तथ्य को आम लोगों के सामने लायें.

गुरुवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपौत्र व द ओपेन प्लेटफार्म फॉर नेताजी के प्रवक्ता चंदन कुमार बोस ने कहा कि उन लोगों के हाथ लगी गुप्त फाइलों से यह साबित हो रहा है कि देश के प्रथम व पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने नेताजी के भतीजे व पूर्व सांसद अमिय नाथ बोस की निगरानी व जासूसी करने का आदेश दिया था.

उन्होंने आश्चर्य जाहिर करते हुए कहा कि क्या सरकार उन लोगों को आतंकवादी समझती है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रलय से प्राप्त कागजातों से साफ है कि कैसे अमिय नाथ बोस तथा उनके छोटे भाई शिशिर बोस की दो दशक से अधिक समय तक केंद्रीय व राज्य खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जाती रही थी. उन्होंने कहा कि उनके पास विश्वास करने के पर्याप्त सबूत हैं कि अभी भी नेताजी के वंशजों की निगरानी और जासूसी हो रही है. उन्होंने कहा कि जासूसी या निगरानी उनकी होती है, जो या तो आतंकवादी होते हैं या फिर अपराधी होते हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार समझती है कि नेताजी के परिवार के सदस्य आतंकवादी हैं. श्री बोस ने कहा कि वह एनडीए सरकार से सवाल करना चाहते हैं कि क्या वह भी पूर्व (कांग्रेस) सरकार की तरह उन लोगों पर जासूसी जारी रखेंगे. श्री बोस ने कहा कि हालांकि उन लोगों के पास पर्याप्त सबूत नहीं है, लेकिन संदेह करने के पर्याप्त कारण हैं कि उन लोगों के फोन टेप किये जा रहे हैं तथा मेल पर भी नजरदारी हो रही है.
द ओपेन प्लेटफार्म फॉर नेताजी के संयोजक अभिजीत राय ने कहा कि केंद्र सरकार के पास लगभग 100 व राज्य सरकार के पास लगभग 70 गुप्त फाइलें हैं, जिन्हें सार्वजनिक किये जाये. इससे नेताजी के संबंध में सही सूचनाएं सामने आयेगी.नेताजी के प्रपौत्र व डॉ. अमिय बोस के पुत्र सूर्य कुमार बोस ने आरोप लगाया कि जर्मनी में उन द्वारा आयोजित संगोष्ठी में रॉ के अधिकारी की उपस्थिति कई बार उन्होंने महसूस की है. उन्होंने कहा कि केवल भारत ही नहीं, जापान, रूस, ब्रिटेन, अमेरिका तथा इटली की सरकार भी नेताजी से संबंध फाइलें सार्वजनिक करें.
इस अवसर पर उपस्थित सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अशोक कुमार गांगुली ने कहा कि अमिय नाथ बोस की निगरानी से देश के सम्मान को धक्का लगा है. श्री बोस ने केवल एक वरिष्ठ वकील थे,वरन राजनयिक भी थे. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने कोई भी अपराध नहीं किया है. उन्होंने सरकार से अपील की कि नेताजी से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करें, ताकि उनसे संबंधित रहस्यों की जानकारी लोगों को मिल पाये. नेताजी से संबंधि फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग पर संगठन की ओर से एसएमएस अभियान भी शुरू किया गया है.
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