मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल:48 घंटे में बारह शिशुओं की मौत
मालदा:मालदा में शिशुओं की मौत का सिलसिला फिर शुरू हो गया है. पिछले 48 घंटों में मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में 12 शिशुओं की मौत हो गयी है. सभी की उम्र एक से 28 दिनों के भीतर थी. नये सिरे से शिशुओं की मौत से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया […]
मालदा:मालदा में शिशुओं की मौत का सिलसिला फिर शुरू हो गया है. पिछले 48 घंटों में मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में 12 शिशुओं की मौत हो गयी है. सभी की उम्र एक से 28 दिनों के भीतर थी. नये सिरे से शिशुओं की मौत से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है.
अस्पताल में भरती अन्य शिशुओं के परिवार वालों में हड़कंप मचा हुआ है.जिला स्वास्थ्य दफ्तर के अनुसार, मारे गये सभी बच्चों को ब्लॉक स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर किया गया था. जिला स्वास्थ्य दफ्तर के अनुसार, आठ सितंबर को आठ व नौ सितंबर को चार शिशुओं की मौत हुई है. जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिलीप मंडल ने शिशुओं की मौत के लिए आर्थिक -सामाजिक स्थिति को ही जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि ज्यादातर गर्भवती मां अपने बच्चों का जन्म घर में ही दे रही हैं. जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है. अचानक कुछ होने पर बच्चों को निकटतम अस्पताल ले जाया जा रहा है.
बाद में नाजुक हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया जा रहा है. तब और कुछ करने का समय नहीं रहता है. जिससे बच्चों की मौत की घटना बढ़ रही है. उन्होंने यह भी बताया कि ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व ग्रामीण अस्पताल में बच्चों के इलाज का बुनियादी संरचना नहीं है. जिस कारण मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्प्ताल में बच्चों को रेफर कर दिया जाता है. जो 12 शिशुओं की मौत हुई है, उनमें से पांच शिशुओं की मौत सांस की तकलीफ के कारण हुई है. बाकी सात शिशुओं की मौत संक्रमण से हुई है. डॉ मंडल ने बताया कि शिशुओं की मौत रोकने के लिए चांचल महकमा अस्पताल में एसएनसीयू यूनिट खोलने का निर्णय लिया गया है.
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