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Success Story: पिता चलाते हैं ढाबा, बेटा सीडीएस पास कर बना लेफ्टिनेंट

Updated at : 17 Dec 2024 1:32 PM (IST)
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Success Story of Lieutenant Deepak Singh Bisht

Success Story of Lieutenant Deepak Singh Bisht

10 बार लगातार हुए फेल लेकिन फिर भी कम नहीं हुआ हौसला, 2 बार पास की सीडीएस की परीक्षा और बन गए आर्मी ऑफिसर, जानें लेफ्टिनेंट दीपक सिंह बिष्ट के सफलता की अद्भुत कहानी.

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Success Story: कहते हैं कि अगर आप किसी चीज को ठान लें तो मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियां भी आपको आपके लक्ष्य से दूर नहीं रख पाती, ऐसा हो सकता है कि आपको कई बार निराशा का सामना भी करना पड़े लेकिन अंत में सफलता आपके कदम चूमती है. आज हम आपको बताएंगे ऐसी ही एक कहानी उत्तराखंड के रानीखेत के रहने वाले दीपक सिंह बिष्ट की जिन्होंने 11 असफल प्रयासों के बाद भी अपने जज्बे को कम नहीं होने दिया और 12वें प्रयास में सीडीएस की परीक्षा पास की और आर्मी में ऑफिसर बन गए. इनकी सफलता की कहानी ऐसी है जिसे जानकर कोई भी इंसान प्रेरित हो जाए.

पिता दिल्ली में चलाते हैं ढाबा

दीपक के पिता दिल्ली में एक ढाबा चलाते हैं और उनकी मां एक गृहणी हैं. दीपक के माता पिता जब वे छोटे थे तभी अपने व्यवसाय और दीपक की पढ़ाई के लिए उत्तराखंड छोड़ के दिल्ली आ गए और उनके पिता ने दिल्ली में एक ढाबा खोला. दीपक के पिता ने कभी भी अपने बेटे से ढाबे का काम देखने को नहीं कहा, वो चाहते थे कि उनका बेटा पूरी तरह से अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे और अपने लक्ष्य को हासिल करे.

कैसा रहा दीपक के पढ़ाई का सफर?

दीपक ने अपनी शुरुआती पढ़ाई उत्तराखंड में अपने घर के पास के एक स्कूल से की. इसके बाद वे अपने परिवार के साथदिल्ली आ गए और वहां उन्होंने सूरजमल विहार के राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय से इंटर पास किया. इंटर के दौरान उन्होंने एनसीसी ज्वाइन किया था और तभी से उन्होंने आर्मी ऑफिसर बनने की ठान ली.

12 बार दी सीडीएस की परीक्षा

दीपक ने अब तक कुल 12 बार सीडीएस की परीक्षा दी है, पहले 11 प्रयासों में वो लगातार असफल हुए, अपने 11वें प्रयास में उन्होंने परीक्षा पास तो की लेकिन उनका चयन वायुसेना के लिया हुआ जो कि वे नहीं चाहते थे, उन्हें आर्मी में ऑफिसर बनने का जुनून था इसलिए उन्होंने एक बार फिर परीक्षा दी और अपने 12वें अटेम्प्ट में उन्हें उनका मनचाहा पद मिल गया. दीपक की कहानी उन सभी बच्चों के लिए प्रेरणा है जो अपनी असफलता के बाद निराश हो जाते हैं.

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Pushpanjali

लेखक के बारे में

By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हूं. इस दौरान मैं फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों और ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. मेरा मुख्य फोकस ट्रेंडिंग अपडेट्स, फिल्म रिव्यू, और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर रहता है. मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जटिल और तकनीकी खबरों को भी पाठकों के लिए सरल, रोचक और पठनीय अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे न सिर्फ खबर को समझ सकें बल्कि उससे जुड़े भी महसूस करें.

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