उत्तराखंड में UCC का एक साल पूरा: ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ आवेदन, नहीं आया निजता के उल्लंघन का एक भी मामला

उत्तराखंड में यूसीसी का एक साल पूरा
One year of UCC in Uttarakhand: उत्तराखंड समान नागरिक संहिता में करीब शत प्रतिशत आवेदन यूसीसी पोर्टल के जरिए हो रहे हैं. इसमें आवेदक घर बैठे ही किसी भी सेवा के लिए आवेदन कर सकता है. इस तरह उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय या अधिकारी के सामने मौजूद होने की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही पोर्टल में नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित और गोपनीय रखने के लिए मजबूत सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं.
One year of UCC in Uttarakhand: उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (UCC) का एक साल पूरा हो गया है. बीते एक साल में विभिन्न सेवाओं के लिए कुल पांच लाख से अधिक आवेदन हुए हैं, लेकिन एक भी मामले में निजता उल्लंघन की कोई भी शिकायत नहीं आई है. इस तरह उत्तराखंड समान नागरिक संहिता, नागरिकों की निजी जानकारियां सुरक्षित रखने के अपने संकल्प पर शत प्रतिशत खरा उतरी है. यही नहीं ऑनलाइन आवेदन में पूरी प्रक्रिया फेसलेस होने से भी किसी की भी पहचान सार्वजनिक होने का खतरा नहीं है.
ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ आवेदन
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता में करीब शत प्रतिशत आवेदन यूसीसी पोर्टल के जरिए हो रहे हैं. इसमें आवेदक घर बैठे ही किसी भी सेवा के लिए आवेदन कर सकता है. इस तरह उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय या अधिकारी के सामने मौजूद होने की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही पोर्टल में नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित और गोपनीय रखने के लिए मजबूत सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं, यहां तक कि ऑनलाइन आवेदन यदि एक बार सक्षम स्तर के अधिकारी स्तर से मंजूर हो गया तो फिर, संबंधित अधिकारी भी आवेदन की निजी जानकारी नहीं देख पाता है.
निजता के उल्लंघन का एक भी मामला नहीं आया सामने
आवेदन के साथ पेश की गई निजी जानकारी को सिर्फ आवेदन देने वाला ही देख सकता है, वो भी जरूरी वैरिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए ही इसे देख सकता है. यही कारण है कि बीते एक साल में निजता उल्लंघन की एक भी शिकायत नहीं आई है. जबकि अब लोग विवाह पंजीकरण के साथ ही विवाह विच्छेद, वसीयत पंजीकरण, लिव इन पंजीकरण से लेकर लिव इन रिश्ते समाप्त करने तक के लिए यूसीसी प्रावधानों का प्रयोग कर रहे हैं. दूसरी तरफ औसत पांच दिन में प्रमाणपत्र मिलने से लोगों का समय भी बच रहा है.
सीएम धामी ने कही यह बात
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता को लेकर कहा कि कुछ लोगों ने शुरुआत में इसके खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया. विगत एक साल में यूसीसी क्रियान्वयन ने ऐसे सभी लोगों को जवाब दे दिया है. समान नागरिक संहिता नागरिकों की निजता का शत प्रतिशत पालन करने में सफल रही है. साथ ही पूरे प्रदेश में जितनी सरलता से इस प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है, वो अपने आप में गुड गर्वनेंस का उदाहरण है.
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लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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