Mansa Devi Temple Stampede: चीख-पुकार में बदल गया आस्था का सैलाब, लोगों ने बताया आंखों देखा हाल, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
Mansa Devi Temple Stampede
Mansa Devi Temple Stampede: हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में मची भगदड़ में अब तक 6 लोगों की मौत हुई है, पांच लोगों की हालत गंभीर है, उन्हें एम्स हरिद्वार में भर्ती कराया गया है. करीब 29 लोगों घायल हुए हैं. रविवार को मंदिर में भारी भीड़ थी. इसी बीच भीड़ में बिजली का करंट आने की अफवाह अचानक से फैल गई. अफवाह के बाद भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए. रास्ता संकरा होने की वजह से लोगों को बचने की कोई जगह नहीं मिली.
Mansa Devi Temple Stampede: उत्तराखंड के हरिद्वार में शिवालिक पहाड़ियों पर 500 फुट से अधिक ऊंचाई पर स्थित सिद्ध पीठ मां मनसा देवी मंदिर के रास्ते पर रविवार को मची भगदड़ ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मंदिर मार्ग पर रविवार की सुबह मची भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गयी. इस हादसे में 29 अन्य लोग घायल हो गए, घायलों में पांच की हालत नाजुक है. भगदड़ पर स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन का महीना और रविवार का दिन होने के कारण काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे, भीड़ जुटने की उम्मीद थी इसके बाद भी मंदिर मार्ग पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के कोई खास इंतजाम नहीं थे.
मंदिर का रास्ता काफी संकरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर मार्ग काफी संकरा है और इसी मार्ग से श्रद्धालु मंदिर की ओर जा रहे थे और इसी से दर्शन करने के बाद वापस लौट भी रहे थे. रविवार तड़के से ही मंदिर में बड़ी संख्या में लोग आ रहे थे. सुबह सात बजे के बाद भीड़ इस कदर बढ़ी कि रास्ते में तिल रखने की भी जगह नहीं बची और लोग एक दूसरे से सट कर आगे खिसक रहे थे.
बिजली की करंट वाली अफवाह से मची भगदड़
इसी बीच भीड़ में बिजली का करंट आने की अफवाह अचानक से फैल गई. अफवाह के बाद भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए. रास्ता संकरा होने की वजह से लोगों को बचने की कोई जगह नहीं मिली. लोग एक दूसरे के शरीर पर चढ़कर निकलने की कोशिश करने लगे. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इसी समय रास्ते में लगे बिजली के मीटर के पास शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारी निकली जिससे लोगों में भय और फैल गया और उन्होंने भागना शुरू कर दिया. भगदड़ के बाद उस स्थान पर चारों ओर श्रद्धालुओं का सामान, प्रसाद, माता को अर्पित की जाने वाली चुनरियां बिखरी दिखाई दे रही है.
पीड़ित और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आंखों देखा हाल
भगदड़ में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती बिहार से आए एक पीड़ित ने बताया कि वह भीड़ के बीच मंदिर की ओर बढ़ रहे थे कि अचानक ही उनके आगे चल रहे लोग भागना शुरू कर दिया. पीड़ित ने बताया ”मैं भी भीड़ में था, भगदड़ में मैं भी गिर गया और मेरा पैर टूट गया.” मंदिर में दर्शन के लिए जा रहीं बरेली के शीशगढ़ की रहने वाली निर्मला देवी भी भगदड़ में घायल हो गयीं. हादसे को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर जा रहे और वहां से आ रहे लोग अचानक ही एक-दूसरे से भिड़ गए और गिरने लगे. एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह ऊपर से लोगों को आते-जाते देख रहे थे कि अचानक से ही वहां लोग गिरने लगे. महेंद्र ने बताया कि उन्होंने देखा कि कई लोग नीचे गिरे हुए थे जो चिल्ला रहे थे और भीड़ उनके ऊपर से गुजर रही थी.
पांच पीड़ित ऋषिकेश-एम्स रेफर
हादसे के बाद घायलों को हरिद्वार जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस बीच पांच घायलों की हालत काफी नाजुक होने के कारण उन्हें ऋषिकेश-एम्स रेफर कर दिया गया. हालांकि इस बीच मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि मंदिर परिसर में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ थी मगर मंदिर में सभी इंतजाम दुरुस्त थे और किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मंदिर के रास्ते में कुछ लोग गिर पड़े जिसके बाद भगदड़ मच गयी. हादसे के बाद मंदिर को फिलहाल श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए बंद कर दिया गया है.
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