अंगूठी बेचने वाला बना धर्मांतरण का सौदागर… जानिए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की हकीकत
Published by : Shashank Baranwal Updated At : 07 Jul 2025 9:02 AM
जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा
UP News: उत्तर प्रदेश एटीएस ने बलरामपुर के उतरौला से अवैध धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया. आरोपी विदेशी फंडिंग के जरिए गरीबों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराता था. पुलिस ने उसके पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है.
UP News: उत्तर प्रदेश एटीएस ने अवैध धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र से जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया है. 50 हजार के इनामी छांगुर बाबा के साथ उसकी साथी नीतू उर्फ नसरीन को भी लखनऊ से हिरासत में लिया गया है. दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है. छांगुर बाबा पर आरोप है कि वह लड़कियों को बहका कर जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करता था, साथ ही विदेशी फंडिंग के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन करवाता था. जांच एजेंसियों को इस पूरे गिरोह के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हाथ लगे हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुल रही हैं.
कौन है जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा
जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा यूपी के बलरामपुर जिले के रेहरा माफी नामक गांव का निवासी है. जानकारी के मुताबिक, बाबा बनने से पहले वह साइकिल पर झाड़-फूंक, टोने-टोटके सें संबंधित सामान, नग और अंगूठी बेचा करता था. जब उसका यह काम चल पड़ा, तो वह धीरे-धीरे नौकरी में तरक्की दिलाने, बीमारियों से निजात और खेती में लाभ कराने से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने लगा. इन कामों के चलते जमालुद्दीन का प्रभाव बढ़ता चला गया, जिसके चलते वह साल 2015 में प्रधान चुना गया और अपना नया ठिकाना मधुपुर गांव में बना लिया.
झाड़-फूंक के बहाने धर्म परिवर्तन का शुरू किया कारोबार
जमालुद्दीन के पास झाड़-फूंक कराने के लिए दूर-दूर से लोग आने लगे. टोने-टोटके और बीमारियों से निजात दिलाने की आड़ में उसने लोगों को धर्म बदलकर इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करने लगा. यूपी एटीएस के मुताबिक, छांगुर बाबा धर्म परिवर्तन से जुड़े एक ग्रुप का सरगना है, जिसके सहारे वह गरीब, मजदूर, असहाय लोगों को पैसों का लालच देकर गैर मुस्लिम समाज को इस्लाम धर्म अपनाने पर जोर देता था. इसके अलावा, रोजगार, शादी और इलाज की सुविधा मुहैया कराकर धर्म बदलने के लिए बहलाता था. यह भी जानकारी है कि छांगुर बाबा ने इस्लाम धर्म अपनाने के लिए लोगों को धमकाता भी था और चोरी-छिपे मस्जिदों और मजारों में कलमा भी पढ़वाता था.
40 से 50 बार इस्लामिक देशों की कर चुका यात्रा
पुलिस जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने 40 से ज्यादा बैंक खातों के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है. बताया जा रहा है कि इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आया था. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने जानकारी दी कि यह गिरोह सिर्फ बलरामपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें पूरे देश में फैली हुई हैं. यूपी एटीएस इस पूरे नेटवर्क की बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अब तक 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुका है. इसके अलावा बलरामपुर में उसने शोरूम, आलीशान बंगले और महंगी गाड़ियां भी खरीदी हैं.
जाति के आधार पर लड़कियों के रेट
जांच में यह सामने आया है कि जमालुद्दीन जाति के आधार पर लड़िकयों के रेट तय करता था. अगर धर्म परिवर्तन कराने वाली लड़की ब्राह्मण, राजपूत और सरदार हैं, तो 15-16 लाख रुपए, जबकि पिछड़ी वर्ग की लड़कियों के 10-12 इसके अलावा, अन्य वर्ग की लड़कियों के 8-10 लाख रुपए रेट था.
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By Shashank Baranwal
जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.
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