Smart School : सरकारी स्कूल देंगे प्रइवेट स्कूलों को टक्कर, योगी सरकार का कमाल
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Mar 2025 11:53 AM
सांकेतिक तस्वीर
Smart School : योगी सरकार की नई पहल से अब सरकारी स्कूल प्रइवेट स्कूलों को टक्कर देंगे. ग्रेटर नोएडा में 1.30 करोड़ की लागत से स्मार्ट स्कूल बना है. बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह 19 मार्च को उद्घाटन करेंगे.
Smart School : योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में खास काम कर रही है. ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत अब परिषदीय विद्यालय सिर्फ स्कूल नहीं, बल्कि मॉर्डन सुविधाओं से लैस हो रहे हैं. इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा के मथुरापुर में 1.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हाईटेक स्कूल का उद्घाटन 19 मार्च को किया जाएगा. इस ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह करेंगे.
बच्चों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही योगी सरकार
योगी सरकार की प्राथमिकता केवल अधिक विद्यालय खोलना नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता को बेहतर बनाना है. आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, प्रयोगशालाएं, समावेशी शिक्षा सुविधाएं और स्वच्छता व स्वास्थ्य प्रबंधन को विशेष रूप से शामिल किया गया है. वर्तमान में इस विद्यालय में 90 छात्र अध्ययनरत हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य आगामी सत्र में 150 से अधिक बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है. योगी सरकार की इस पहल से अब सरकारी विद्यालय भी प्राइवेट स्कूलों की तरह उच्चस्तरीय सुविधाओं से लैस हो रहे हैं, जिससे छात्रों को समान अवसर मिल सकें.
छात्रों के लिए उपलब्ध होंगी मॉर्डन सुविधाएं
इस नवनिर्मित विद्यालय में छात्रों की शिक्षा को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी गई है, जहां प्रत्येक कक्षा में डिजिटल बोर्ड और स्मार्ट लर्निंग टूल्स लगाए गए हैं. शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा गया है. छात्रों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था आरओ और वाटर फिल्टर के माध्यम से की गई है, वहीं छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं, जिससे स्वच्छता और सुविधा दोनों सुनिश्चित हो सकें. विद्यालय में सुरक्षा के भी विशेष प्रबंध किए गए हैं. आकस्मिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर कक्षा में दो दरवाजे बनाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को आसानी से निकाला जा सके. मिड-डे मील के लिए भी अलग से एक भवन तैयार किया गया है, जहां छात्र आराम से बैठकर भोजन कर सकेंगे. इसके अलावा, बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में खेलकूद और प्रयोगशाला की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे वे न सिर्फ शारीरिक रूप से सक्रिय रह सकें, बल्कि वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा भी प्राप्त कर सकें.
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दिव्यांग छात्रों के लिए विकसित की जा रही विशेष सुविधाएं
योगी सरकार समावेशी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित कर रही है. इस विद्यालय को ‘दिव्यांग अनुकूल विद्यालय’ के रूप में विकसित किया गया है, जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बिना किसी बाधा के शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके. विद्यालय परिसर में दिव्यांग छात्रों की सुगमता को सुनिश्चित करने के लिए रैंप और रेलिंग सहित विशेष सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं. विद्यालय में विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, जो दिव्यांग छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षण प्रदान करेंगे. समावेशी शिक्षा की इस पहल से दिव्यांग छात्र बिना किसी भेदभाव के मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल हो सकेंगे और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा.
विद्यालय निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का रखा गया विशेष ध्यान
योगी सरकार शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है. इस विद्यालय का निर्माण ‘ग्रीन स्कूल’ मॉडल के अनुरूप किया गया है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों को अपनाया गया है. विद्यालय निर्माण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी पेड़ को न काटा जाए, बल्कि इसके स्थान पर अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए. इससे विद्यालय परिसर हरा-भरा बना रहेगा और बच्चों को स्वच्छ व शुद्ध वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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