राम मंदिर ट्रस्ट में फिर बदलाव के संकेत, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी छोड़ सकते हैं पद, 22 जुलाई की बैठक पर सबकी नजर

कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी
Ayodhya Ram mandir: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी है. कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी के पद छोड़ने की चर्चाओं ने नई हलचल मचा दी है. 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है.
Ayodhya Ram mandir: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बदलावों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में लगातार फेरबदल हो रहे हैं. महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के बाद अब कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी के पद छोड़ने की चर्चाओं ने नई हलचल पैदा कर दी है. हालांकि ट्रस्ट की ओर से अभी तक उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. सूत्रों के मुताबिक, स्वामी गोविंद देव गिरी ने निजी कारणों और समय की कमी का हवाला देते हुए कोषाध्यक्ष पद से मुक्त किए जाने की इच्छा जताई है. इस पर अंतिम निर्णय 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में लिया जा सकता है.
कई धार्मिक दायित्वों में व्यस्त हैं स्वामी गोविंद देव गिरी
बताया जा रहा है कि स्वामी गोविंद देव गिरी इन दिनों देशभर में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में व्यस्त हैं. ऐसे में अयोध्या स्थित ट्रस्ट के वित्तीय कामकाज को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं. वित्तीय जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है. हालांकि, ट्रस्ट के नियमों के अनुसार केवल इच्छा जताने से इस्तीफा स्वीकार नहीं माना जाता. इस पर ट्रस्ट की सामूहिक बैठक में चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा.
दिनेंद्र दास बोले- बैठक में होगा निर्णय
ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने स्वामी गोविंद देव गिरी के इस्तीफे की चर्चाओं पर कहा कि किसी सदस्य की पद छोड़ने की इच्छा जताने मात्र से इस्तीफा स्वीकार नहीं हो जाता. उन्होंने कहा कि इस मामले पर ट्रस्ट की बैठक में विचार किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई उचित और गंभीर कारण होगा, तो ट्रस्ट सभी पहलुओं पर विचार कर सामूहिक निर्णय लेगा.
कोषाध्यक्ष का पद क्यों है अहम?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन, वित्तीय फैसलों और आर्थिक व्यवस्थाओं में कोषाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी होती है. वित्तीय पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए हाल ही में बैंक खातों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. इसके बावजूद कोषाध्यक्ष का पद ट्रस्ट के सबसे महत्वपूर्ण पदों में शामिल है.
चढ़ावा विवाद के बाद बदला ट्रस्ट का प्रशासनिक ढांचा
कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. महासचिव चंपत राय ने अपनी जिम्मेदारी छोड़ी, वहीं ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने भी पद से हटने का फैसला लिया. इसके बाद कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव की जिम्मेदारी दी गई. इसके अलावा ट्रस्ट में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है. वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बैंक संचालन समिति भी बनाई गई है. मंदिर पहुंचकर दिनेंद्र दास ने देखीं व्यवस्थाएं शनिवार को ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास अयोध्या पहुंचे और राम मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि मंदिर में सभी धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित समय पर हो रहे हैं और श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है.
22 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजरें 22 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि इसी बैठक में स्वामी गोविंद देव गिरी के पद छोड़ने की इच्छा पर चर्चा होगी. इसके साथ ही ट्रस्ट के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे और नई जिम्मेदारियों को लेकर भी अहम फैसले लिए जा सकते हैं. फिलहाल इस्तीफे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही सामने आएगा.
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